कोडिन कफ सिरप केस में SIT को बड़ी सफलता, शुभम जयसवाल के ये तीन करीबी पकड़े गए

कोडिन कफ सिरप केस में एसआईटी को बड़ी सफलता मिली है. एसआईटी ने इस सिंडिकेट का सरगना शुभम जयसवाल के तीन करीबियों विकास सिंह नरवे, आकाश पाठक और अंकित श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया है.

विकास सिंह नरवे

200 करोड़ से अधिक के नशीले कफ सिरप तस्करी मामले में एसआईटी वाराणसी को अब तक की बड़ी सफलता मिली है. मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के करीबी विकास सिंह नरवे, आकाश पाठक और सिंडिकेट का वित्तीय मामला संभालने वाले अंकित श्रीवास्तव को नेपाल बार्डर के पास से गिरफ्तार कर लिया गया है.

इस मामले में सरकार की तरफ से गठित एसआईटी के चीफ टी.सरवनन ने टीवी 9 को बताया कि तीनों रांची से कोडिन कफ सिरप की करोड़ों शीशियां पश्चिम बंगाल, त्रिपुणा के रास्ते बंगाल भेज चुके हैं. बंग्लादेश का पूरा नेटवर्क ये तीनों मिलकर संभालते थे. इन तीनों पर पचास पचास हज़ार का ईनाम था.

सिद्धार्थनगर और महाराजगंज के इलाकों में ली थी पनाह

सिरप मामले में जब कार्रवाइयां होने लगीं तो इन तीनों ने सिद्धार्थनगर और महाराजगंज इलाके में पनाह ले ली थी. तीन बार ये नेपाल भागने की कोशिश कर चुके हैं. लेकिन लुक आउट सर्कुलर जारी होने चलते ये अपने मंसूबों में सफल नहीं हो पाए थे.

शुभम का राइट हैंड था विकास सिंह नरवे

विकास सिंह नरवे शुभम का राइट हैंड था. हवाला के जरिए सिडिंकेट का पैसा मैनेज करता था. साथ ही बाकी माफियाओं की नजर से शुभम को बचाये रखता था. इसी मामले में गिरफ्तार अमित सिंह टाटा और एसटीएफ के बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह से भी शुभम को विकास ने ही मिलवाया था और सिण्डिकेट का हिस्सा बनाया था.

शुभम का लेफ्ट हैंड था आकाश पाठक

वहीं, आकाश पाठक शुभम का लेफ्ट हैंड था वो पूर्वोत्तर और बंग्लादेश में न्यू फेन्सडिल सिरप की सप्लाई चेन मैनेज करता था. जबकि अंकित श्रीवास्तव इस सिण्डिकेट का फाइनेंस देखता था. वह ज्यादा से ज़्यादा फर्जी ट्रेडर्स फर्म और स्टॉकिस्ट तैयार करता था.

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