क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता की अंतिम विदाई, बड़े भाई सोनू ने दी मुखाग्नि, सबकी आंखें नम
अलीगढ़ के क्वार्सी मोक्ष धाम में क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता का दाह संस्कार हुआ. भावुक माहौल में रिंकू ने अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया, जबकी उनके बड़े भाई सोनू ने मुखाग्नि दी. इस दौरान परिवार, रिश्तेदारों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे. खेल जगत के लोगों ने भी शोक संवेदना व्यक्त की.
भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह को अलीगढ़ के क्वार्सी मोक्ष धाम में अंतिम विदाई दी गई. भावुक माहौल में रिंकू ने अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया. परिवार और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में पूरे विधि-विधान से दाह संस्कार संपन्न हुआ. क्रिकेटर के बड़े भाई सोनू ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे.
इससे पहले खानचंद्र सिंह का पार्थिव शरीर ओजोन सिटी स्थित आवास से अंतिम दर्शन के लिए बाहर लाया गया. घर के बाहर पहले से ही लोगों की भीड़ एकत्र थी. जैसे ही शव वाहन गेट के बाहर पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया. परिजन और शुभचिंतक नम आंखों से अंतिम विदाई देने पहुंचे. इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए क्वार्सी के मोक्ष धाम ले जाया गया था.
लंबे समय से स्टेज-4 लिवर कैंसर से पीड़ित थे
सबसे भावुक क्षण उस समय आया जब रिंकू सिंह ने अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया. क्रिकेट के मैदान पर संयम और आत्मविश्वास के लिए पहचाने जाने वाले रिंकू इस मौके पर बेहद भावुक नजर आए. उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर अंतिम क्रियाएं पूरी कीं. उपस्थित लोगों ने भी इस कठिन समय में परिवार को ढांढस बंधाया.
क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का 27 फरवरी को निधन हो गया था. वह लंबे समय से स्टेज-4 लिवर कैंसर से पीड़ित थे. 23 फरवरी को उनकी तबीयत अचानक से बहुत खराब हो गई थी. उन्होंने नोएडा के यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया था. लेकिन डॉक्टर्स की काफी कोशिशों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका.
23 फरवरी को पिता से मिलने आए थे रिंकू
23 फरवरी को रिंकू सिंह के पिता की तबीयत खराब हो गई थी. वह मैकेनिकल वेंटीलेटर पर थे और उन्हें निरंतर रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी दी जा रही थी. इस बीच रिंकू सिंह टी-20 वर्ल्ड कप के बीच में ही पिता से मिलने आ गए थे. हालांकि, जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले जाने वाले मुकाबले से पहले टीम के साथ जुड़ गए थे.
गैस सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे रिंकू के पिता
रिंकू सिंह के पिता गैस सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे. वह घर-घर जाकर लोगों को कुकिंग गैस सिलेंडर पहुंचाते थे. क्रिकेटर बनने से पहले रिंकू भी पिता के काम में हाथ बंटाते रहे हैं. रिंकू ने बताया आर्थिक स्थिति नहीं सही होने के बावजूद पित ने उन्हें क्रिकेटर बनने के लिए हमेशा प्रोत्साहित किया.
BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने रिंकू के पिता के निधन पर शोक जताया
BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने भी रिंकू के पिता के निधन पर दुख जताया. उन्होंने X पर लिखा- क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है. इस कठिन घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं रिंकू और परिवार के साथ हैं.ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें. शोकाकुल परिजनों को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें.