इलाहाबाद HC में जमानत पर सुनवाई से पहले बोले शंकराचार्य- चुप रहता तो आराम से रहता
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की अग्रिम जमानत याचिका पर आज यानी शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की सिंगल बेंच में सुनवाई होनी है. इससे पहले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिक्रिया भी सामने आई है. उन्होंने कहा कि बाकी लोगों की तरह मैं भी चुप रहता तो आराम से रहता. लेकिन अपनी आत्मा को क्या जवाब देता?
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ प्रयागराज एडीजे पॉक्सो कोर्ट के निर्देश पर नाबालिग बटुकों से यौन उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया गया था. इस मामले में पीड़ित बटुकों के मेडिकल रिपोर्ट भी सामने आ गई है. रिपोर्ट में पीड़ित बटुकों के साथ जबरन यौन कृत्य किए जाने की पुष्टि की गई है. ऐसे में अगर इलाहाबाद हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका पर उनके पक्ष में फैसला नहीं आता है तो उनकी गिरफ्तारी हो सकती है.
सुनवाई से पहले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिक्रिया आई
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की अग्रिम जमानत याचिका पर आज यानी शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की सिंगल बेंच में सुनवाई होनी है.यह याचिका कोर्ट नंबर 72 में लिस्टेड है और इसका सीरियल नंबर 142 है. दोपहर में लंच के बाद अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई हो सकती है. कोर्ट की सुनवाई से पहले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिक्रिया भी सामने आई है.
बाकी लोगों की तरह मैं भी चुप रहता तो आराम से रहता
अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि आज हाईकोर्ट से चाहें जैसा फैसला आए, विद्या मठ में रंग भरी एकादशी होगी. भले मन में उल्लास ना हो. लेकिन होली होगी. उन्होंने आगे कहा कि बाकी लोगों की तरह मैं भी चुप रहता तो आराम से रहता. लेकिन अपनी आत्मा को क्या जवाब देता? न्यायालय से जो भी फ़ैसला आएगा वो मंजूर होगा, फैसले के बाद हमारे वकील तय करेंगे कि आगे क्या करना है.
आशुतोष ब्रह्मचारी ने FIR दर्ज कराने की अर्जी दाखिल की थी
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने 173 (4) के तहत जिला कोर्ट में शंकराचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अर्जी दाखिल की थी. इस अर्जी पर एडीजे रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट विनोद कुमार चौरसिया ने झूंसी को पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जांच का आदेश दिया था.
शंकराचार्य की मांग- गैर बीजेपी राज्य की पुलिस करे मामले की जांच
यौत उत्पीड़न मामले में केस दर्ज होने के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद कई बार दोहरा चुके हैं कि उन्हें भाजपा शासित राज्य की पुलिस पर भरोसा नहीं है. गैर भाजपा शासित राज्य पुलिस इस मामले की जांच करे. उन्होंने सरकार और प्रशासन पर शंकराचार्य की उपाधि को अपमानित करने का आरोप लगाया है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जांच के लिए कोई भी पुलिस आए हम पूरा सहयोग करेंगे’.