जितेंद्र को क्या थी खुन्नस, जिस वजह से डेढ़ साल बच्चे को 27 सेकंड में 8 बार पटक कर मार डाला
फिरोजाबाद के आरव हत्याकांड में अदालत ने आरोपी जितेंद्र पाठक को मृत्युदंड सुनाया है. महज 40 दिनों में कोर्ट ने यह फैसले सुनाया. सवाल है कि आरोपी ने बच्चे को इतनी बेरहमी से क्यों मार डाला? जांच में सामने आया कि जितेंद्र ने आरव की मां को शादी का प्रस्ताव भी दिया था, जिसे उसने ठुकरा दिया.
फिरोजाबाद जिले के चर्चित डेढ़ वर्षीय आरव हत्याकांड में अदालत ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को मृत्युदंड की सजा सुनाई है. महज 40 दिनों में आए इस फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर आरोपी ने एक मासूम बच्चे को इतनी बेरहमी से क्यों मार डाला? क्या खुन्नस थी, जो डेढ़ साल के बच्चे को सड़क पर पटकर क्रूरता से हत्या कर दी?
पुलिस जांच और अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों के मुताबिक, इस हत्याकांड की वजह आरव नहीं, बल्कि उसकी मां रति देवी थीं. रति की शादी 2024 में बदायूं निवासी सुमित कुमार से हुई थी, लेकिन वैवाहिक विवाद के चलते वह पिछले करीब पांच महीने से अपने मायके में रह रही थीं. इसी दौरान सुमित का रिश्तेदार जितेंद्र पाठक रति के संपर्क में आया.
आरव की मां ने ठुकराया था शादी का प्रस्ताव
रति देवी अपने डेढ़ साल के बेटे आरव और मां के साथ रहती थी. जितेंद्र पाठक बदायूं के शेखूपुर का रहने वाला है. जांच में सामने आया कि उसने पहले रति को मदद और सहयोग का भरोसा दिलाया, फिर शादी का प्रस्ताव रखा. हालांकि रति ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया. इसी बात से आरोपी के मन में गहरी नाराजगी और बदले की भावना पैदा हो गई.
घटना वाले दिन यानी 30 मई को रति अपनी मां के साथ एक कानूनी मामले में शिकोहाबाद आई थीं. आरोप है कि जितेंद्र भी वहां पहुंच गया और टॉफी दिलाने का झांसा देकर डेढ़ वर्षीय आरव को अपने साथ ले गया. कुछ दूरी पर सुनसान स्थान पर उसने महज 27 सेकंड में बच्चे को आठ बार सड़क पर पटक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
महज 40 दिन में आरोपी को फांसी की सजा
वारदात के बाद आरोपी बच्चे के शव को घर के बाहर छोड़कर फरार हो गया. इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था. पुलिस ने छह दिन के भीतर आरोप पत्र दाखिल किया. अदालत ने 13 गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर महज 40 दिन में आरोपी को फांसी की सजा सुनाई. यह फैसला ऐसे जघन्य अपराधों के खिलाफ कड़ा संदेश है.