3 जिले और 400 हेक्टेयर जमीन, ऑटो मोबाइल और टेक कंपनियों की मैन्यूफेक्चरिंग यूनिट; गंगा एक्सप्रेसवे से चलकर आएगा विकास

गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के विकास का नया इंजन बनेगा. इसके किनारे तीन जिलों में 400 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक गलियारा बन रहा है. जहां ऑटोमोबाइल और टेक कंपनियों की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित होंगी. यह एक्सप्रेसवे बेहतर ट्रांसपोर्टेशन कनेक्टिविटी देगा और सामरिक महत्व भी रखता है, जिससे राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार सृजन की उम्मीद है.

गंगा एक्सप्रेस-वे का काम पूरा

उत्तर प्रदेश में बन रहे सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे से विकास चल कर आएगा. उत्तर प्रदेश सरकार ने इस संभावित विकास का खाका पहले ही खींच लिया है. इसके लिए गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे तीन जिलों में 400 हेक्टेयर जमीन पर औद्योगिक गलियारा बनाया जा रहा है. इस गलियारे में गुरुग्राम की तर्ज पर ऑटो मोबाइल का हब बनाया जाएगा. इसी के साथ टेक कंपनियों की भी मैन्यूफेक्चरिंग यूनिटें लगेंगी. इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने चरणबद्ध तरीके से काम शुरू भी कर दिया है.
UPEDA के अधिकारियों के मुताबिक इस एक्सप्रेसवे पर अलग अलग औद्योगिक गलियारे का मास्टर प्लान बनाया गया है. शाहजहांपुर रीजन में तीन जिलों शाहजहांपुर, बदायूं और हरदोई को मिलाकर 400 हेक्टेयर जमीन एक्वायर किया गया है. इसमें बदायूं में 158 हेक्टेयर, शाहजहांपुर में 100 हेक्टेयर और हरदोई में 137 हेक्टर भूमि शामिल है. इनमें से दो जिलों में 30 से अधिक ऑटो मोबाइल और उनकी सब्सिडयरी कंपनियों की मैन्यूफेक्चरिंग यूनिटें लगेंगी. वहीं तीसरे जिले में 10 से अधिक टेक कंपनियों की यूनिटें लग सकती हैं.
ऐसे चलकर आएगा विकास
यूपीडा के अधिकारियों के मुताबिक अब तक बड़ी कंपनियां नोएडा-ग्रेटर नोएडा छोड़ कर यूपी में घुसने से भी बचती रही हैं. इसकी मुख्य वजह ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा है. हालांकि गंगा एक्सप्रेसवे के बनने से यह अड़चन हमेशा के लिए खत्म हो जाएगाी. यह एक्सप्रेसवे मेरठ में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को कनेक्ट करेगा. इसी प्रकार प्रयागराज से आगे चलकर बनारस होते हुए गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को कनेक्ट करेगा. ऐसे में यहां लगने वाली कंपनियों को रॉ मटेरियल लाने और तैयार माल को निकालने के लिए सीधी कनेक्टिविटी मिली जाएगी. यह एक्सप्रेसवे दिल्ली एयरपोर्ट, जेवर एयरपोर्ट, कानपुर और प्रयागराज एयरपोर्ट को भी कनेक्टिविटी देगा.
सामरिक दृष्टि से भी बढ़ा महत्व
इस गंगा एक्सप्रेस-वे का महत्व सामरिक दृष्टि से भी काफी अहम है. इस एक्सप्रेसवे पर शाहजहांपुर की तहसील जलालाबाद के गांव पीरू में हवाई पट्टी बनाई गई है. इसका इस्तेमाल युद्ध या अन्य आपातकालीन स्थितियों में किया जाएगा. इस हवाई पट्टी पर भारी भरकम से लेकर हल्के लड़ाकू विमान आसानी से उतारे जा सकेंगे. यूपीडा के अधिकारियों के मुताबिक गंगा एक्सप्रेस-वे केवल सड़क नहीं, बल्कि एक मल्टी-यूटिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के रूप में तैयार किया गया है.
हर 50 किमी पर रेस्ट एरिया
इस एक्सप्रेसवे पर दोनों तरफ हर 50 किमी पर रेस्ट एरिया बनेगा. इसके लिए जमीन अधिग्रहण का काम शुरू कर दिया गया है. इस रेस्ट एरिया में पेट्रोल पंप, सीएनजी पंप, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए चार्जिंग स्टेशन, मॉटेल, रेस्टोरेंट आदि बनाए जाएंगे. शाहजहांपुर में ही दो सीएनजी पंप शुरू किए जा रहे हैं. इसमें एक जलालाबाद में है तो दूसरा बिसौली में. सुरक्षा के लिहाज से इस पूरे एक्सप्रेसवे पर कोरियन कंपनी के कैमरे लगाए गए हैं