हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी, गाजियाबाद में मंडराया बाढ़ का खतरा; एडवाइजरी जारी

हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से यमुना में 3 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ गए है. इससे दिल्ली समेत नोएडा और गाजियाबाद में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. जिसके तहत एक एडवाइजरी जारी की गई है. आसपास के इलाके को खाली करने के आदेश हैं. साथ ही लोगों से ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की गई है.

गाजियाबाद में बाढ़ की चेतावनी Image Credit:

हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने से दिल्ली-NCR में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. यमुना का जलस्तर कल शाम तक डेंजर लेवल से ऊपर जाने की संभावना है. इससे गाजियाबाद के लोन के यमुना से सटे गांव में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. प्रशासन ने इसको लेकर एडवाइजरी जारी की है. लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील है.

हथिनीकुंड बैराज से सोमवार को 321653 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. बैराज के सभी फाटक खोल दिए गए हैं, जिससे यमुना में उफान आने का अनुमान है. यह पानी कल शाम तक गाजियाबाद पहुंच सकता है. फिलहाल, यमुना का जलस्तर 205.11 मीटर है. वहीं, पीना छोड़े जाने के बाद ये रिकॉर्ड 207 के लेवल को पार कर सकता है.

बिस्कुट, लाई, भुना चना साथ रखने की अपील

गाजियाबाद के अपर जिलाधिकारी (ADM) शोरभ भट्ट ने बाढ़ के खतरे को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है. इसमें कहा गया है कि सिंचाई विभाग के अनुसार गाजियाबाद में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने की सम्भावना है. ऐसी स्थिति में यमुना के आसपास के इलाके को खाली करने के आदेश दिए गए है.

इसके साथ ही निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है. लोगों से अपना राशन पानी और मवेशियों को लेकर ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है. लोगों को समय रहते ऊंचे स्थानों पर जाने और खाने-पीने की सामग्री जैसे बिस्कुट, लाई, भुना चना रखने की अपील है.

मेडिकल हेल्प और बाढ़ के लिए टोल फ्री नंबर जारी

गाजियाबाद एडीएम ने प्रेस रिलीज जारी कर लोगों से बाढ़ के खतरे को देखते हुए सतर्क रहने को कहा गया है. इसमें लोगों से जरूरी कागजात जैसे राशन कार्ड, पासबुक, आधार कार्ड को वॉटरप्रुफ बैग में रखने की अपील है. साथ ही क्लोरिन, ओआरएस और फस्ट ऐड किट पास में रखने के निर्देश हैं.

प्रशासन ने कहा कि बाढ़ चेतावनी मिलते ही गर्भवती महिलाओं, बच्चों, वृद्ध, दिव्यांगजन और बीमार व्यक्तियों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं. चिकित्सीय सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 108/102 जारी की गई है. साथ ही जिला मुख्यालय पर स्थापित कंट्रोल रूम नं0-0120-2989032, 2986150 और टोल फ्री नंबर 1077 पर भी सम्पर्क कर सकते हैं.

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