एक ही पते पर 24 पासपोर्ट में 8 दरोगा लाइन हाजिर, अफगानिस्तान कनेक्शन भी सामने आया!

गाजियाबाद में हुए बड़े पासपोर्ट घोटाले में अफगानी कनेक्शन और पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आई है. जांच में पता चला है कि इस नेटवर्क का सरगना 'खान साहब' है. इस मामले में पुलिस कमिश्नर ने 8 दरोगा लाइन हाजिर किया है. वहीं एक कांस्टेबल को सस्पेंड किया है. ये गिरोह 1-2 लाख रुपये प्रति पासपोर्ट वसूलता था.

पासपोर्ट कांड में बड़ा खुलासा Image Credit:

राष्ट्रीय राजधानी से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हुए पासपोर्ट कांड में बड़ा खुलासा हुआ है. इस गोरखधंधे का पूरा नेटवर्क कोई ‘खान साहब’ नामक आदमी कर रहा था. पुलिस इसकी तलाश कर रही है. वहीं अब तक पकड़े गए चारों दलालों के बारे में पता चला है कि 90 के दशक में वह अफगानिस्तान से भारत आए थे और यहां आने के बाद से ही इस धंधे को अंजाम दे रहे हैं. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.

पुलिस की जांच में पता चला है कि इस गैंग ने गाजियाबाद पुलिस के एक कांस्टेबल को अपनी टीम में शामिल किया था. यह कांस्टेबल ही अपने अधिकारियों की आईडी का इस्तेमाल कर फर्जी तरीके से पासपोर्ट वेरिफिकेशन कर रहा था. पुलिस कमिश्नर ने उस कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया है. संबंधित इनपुट मिलने पर गाजियाबाद पहुंची सेंट्रल एजेंसियों ने इस कांस्टेबल से पूछताछ शुरू कर दी है. इधर, कांस्टेबल से हुई पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस कमिश्नर ने 8 दरोगाओं को लाइन हाजिर कर दिया है.

दो लाख रुपये में बनाते थे पासपोर्ट

यह खुलासा डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में की. उन्होंने बताया कि जिन दलालों को अरेस्ट किया गया है वो 90 के दशक में अफगानिस्तान से भारत आए और यहां रहकर लोगों के फर्जी पासपोर्ट बनवा रहे थे. यह गैंग प्रत्येक पासपोर्ट के लिए लोगों से 1 से 2 लाख रुपए तक की वसूली करता था. फिर इस पैसे की बंदरबांट होती थी. उन्होंने बताया कि अब पुलिस गैंग के सरगना खान साहब की तलाश में जुटी है.

ये हुआ एक्शन

मामले का खुलासा होने के बाद गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर ने आरोपी कांस्टेबल को सस्पेंड करते हुए आठ दरोगाओं को लाइन हाजिर किया है. दरोगाओं पर अपनी आईडी संभालने में लापरवाही बरतने का आरोप है. डीसीपी ग्रामीण के मुताबिक मामले की जांच अभी जारी है. आगे जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके मुताबिक कार्रवाई होगी. फिलहाल पुलिस इस मामले में एक पोस्टमैन समेत गैंग के पांच लोगों को अरेस्ट कर चुकी है.

क्यों दिया त्योड़ी गांव का पता?

गाजियाबाद पुलिस ने इस गैंग द्वारा सभी पासपोर्ट भोजपुर थाना क्षेत्र के त्योडी गांव के पते पर बनवाने की एक कहानी बताई है. पुलिस के मुताबिक गैंग का सरगना हाइवे से गुजरते समय इस गांव को देखता था. इसे देखकर ही इसने इस गांव को अपना ठिकाना बनाने का प्लान किया और सभी पासपोर्ट इसी गांव के पते पर बनवा दिए. हालांकि पुलिस की इस कहानी में कई झोल हैं.