गाजियाबाद में पानी संकट पर अनोखा विरोध, 3 महीने से बंद पंप पर अधिकारियों को ऐसे किया ‘सम्मान’
गाजियाबाद के शिब्बन पुरा में तीन माह से पेयजल संकट झेल रहे निवासियों ने नगर निगम के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया. अधिकारियों का 'व्यंग्यात्मक सम्मान' देकर अपना विरोध जताया है. 10 एचपी का पंप लगने के बावजूद चालू न होने से लोग परेशान हैं जबकि विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टाल रहे हैं.
गाजियाबाद के वार्ड संख्या-9 स्थित शिब्बन पुरा पटेल मार्ग में पेयजल संकट से परेशान लोगों ने नगर निगम के खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया. क्षेत्रवासियों ने नगर निगम संवाद कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों को पुष्पगुच्छ और एक पौधा भेंट किया. लोगों ने व्यंग्यात्मक रूप से कहा कि ‘अगर आप जनता की सबसे जरूरी समस्या का समाधान करने में असमर्थ हैं, तो कम से कम हमारा यह सम्मान स्वीकार करें.’
स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब तीन महीने पहले शहर विधायक संजीव शर्मा के हाथों क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए 10 हॉर्स पावर (एचपी) का नया पंप स्थापित कराया गया था, लेकिन आज तक उसे चालू नहीं किया गया. इसके कारण पूरी गली के लोग लंबे समय से पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं.
कई बार आवाज उठाए, केवल आश्वासन ही मिले
निवासियों का आरोप है कि जब भी नगर निगम से शिकायत की जाती है तो जिम्मेदारी बिजली विभाग पर डाल दी जाती है, जबकि बिजली विभाग नगर निगम को जिम्मेदार बताता है. दोनों विभागों के बीच जिम्मेदारी टालने के इस खेल में सबसे अधिक परेशानी आम जनता को उठानी पड़ रही है. कई बार आवाज उठाने के बावजूद अब तक समस्या जस-तस है.
वार्ड संख्या-9 शिब्बन पुरा पटेल मार्ग निवासी नरेंद्र कुमार ‘बिल्लू’ ने बताया कि कई बार लिखित शिकायत, अधिकारियों से मुलाकात और लगातार फोन करने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिले हैं. मौके पर न तो कोई ठोस कार्रवाई हुई और न ही पेयजल आपूर्ति बहाल हो सकी है.
यह सम्मान किसी उपलब्धि के लिए नहीं, बल्कि…
क्षेत्रवासियों ने कहा कि यह सम्मान किसी उपलब्धि के लिए नहीं, बल्कि संबंधित विभागों को यह याद दिलाने के लिए दिया गया है कि जनता को पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराना उनकी जिम्मेदारी है. यदि विभाग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन समय पर नहीं कर पा रहे हैं, तो जनता का आक्रोश स्वाभाविक है.
निवासियों ने उत्तर प्रदेश सरकार, जिलाधिकारी गाजियाबाद, नगर आयुक्त और संबंधित उच्चाधिकारियों से मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए, उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाए और 10 एचपी के पंप को तत्काल चालू कराकर क्षेत्र में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए.