गाजीपुर के इस गांव में एक दिन बाद मनाई जाती है होली, जानें क्यों किया जाता है ऐसा

गाजीपुर के भीमापार गांव में सदियों से मुख्य तिथि से अलग अगले दिन होली मनाने की परंपरा है. इसके पीछे दो तर्क भी दिए जाते हैं. गांव के लोगों का कहना है कि कुछ लोगों ने इस परंपरा को बदलने का प्रयास किया. उस दौरान गांव में कोई न कोई अनिष्ट या अशुभ घटना घट गई. ऐसे में लोग अपने पूर्वजों की तरह मुख्य तिथि के अगले दिन ही होली मनाते हैं.

होली( प्रतीकात्मत तस्वीर) Image Credit:

रंग, अबीर, गुलाल और खुशियों के त्योहार होली में अब 24 घंटे से भी कम का वक्त बचा है. लेकिन क्या आपको पता है यूपी के गाजीपुर का एक गांव ऐसा है, जहां होली के लेकर परंपरा और मान्यताएं पूरे देश से बिल्कुल अलग है. सादात ब्लॉक के भीमापार ग्राम पंचायत में कई दशकों से मुख्य तिथि पर होली नहीं मनाई जाती है. यहां अगले दिन होली मनाने की परंपरा है.

भीमापार में 5 मार्च को मनाई जाएगी होली

अगर पंचांग के हिसाब से देखे तो पूरा देश चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को होली मनाता है, लेकिन भीमापार बाजार में यह पर्व द्वितीया तिथि को मनाया जाता है. इस बार जब चंद्रग्रहण के चलते पूरा देश 04 मार्च को होली मना रहा है तो भीमापार बाजार में 5 मार्च को होली का त्योहार मनाएगा.

होली अगले दिन मनाने के पीछे हैं दो तर्क

गाजीपुर के इस गांव में होली अगले दिन मनाने के पीछे दो तर्क दिए जाते हैं. पहले तर्क के मुताबिक प्राचीन समय में भीमापार में नर्तकियां रहती थीं. ऐसे में होली के दिन गांव के प्रतिष्ठित लोग और ग्रामीण आसपास के जमींदारों के घरों पर होली खेलने चले जाते थे. मुख्य दिन पर गांव में कोई नहीं रहता था. अगले दिन जब सब लौटते थे, तब गांव में धूमधाम से होली मनती थी.

परपंरा तोड़ने पर अशुभ घटना घटने का दावा

दूसरा तर्क यह कि किसी संत के निधन के कारण होली को अगले दिन मनाने की परंपरा शुरू हुई है. गांव के लोगों का कहना है कि कुछ लोगों ने इस परंपरा को बदलने का प्रयास किया. उस दौरान गांव में कोई न कोई अनिष्ट या अशुभ घटना घट गई. इसके बाद से लोग डर और श्रद्धा के कारण ग्रामीण आज भी अपने पूर्वजों के परंपरा को निभाते चले आ रहे हैं.
पूर्वजों की परंपरा निभा रहे हैं.