2017 में मर चुके व्यक्ति को 2018 में दे दिया 18 लाख का लोन, गाजीपुर में बैंक का गजब खेल
गाजीपुर के हाकिम यादव की मौत साल 2017 में हो चुकी है. लेकिन उनके नाम बैंक ने साल 2018 में एक लोन स्वीकृत कर दिया. गारंटर उनके बेटे को बना दिया, जो उस वक्त दुबई में था. इस मामले का खुलासा तब हुआ जब बैंक ने मृतक के बेटे को लोन रिकवरी का नोटिस भेजा.
गाजीपुर में लोन के नाम पर धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है. यहां पूर्वांचल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने एक मृतक के नाम पर तकरीबन 18 लाख रुपये का लोन पास कर दिया गया. लोन का गारंटर भी मृतक के बेटे को बनाया गया, जो उस वक्त दुबई में था. आरबीआई इस बैंक का लाइसेंस 2024 में निरस्त भी कर चुकी है.
2017 में शख्स की हो चुकी थी मौत
गाजीपुर के रामपुर बन्त्रा गांव के हाकिम यादव की मौत साल 2017 में हो चुकी है. लेकिन उनके नाम बैंक ने साल 2018 में एक लोन स्वीकृत कर दिया. गारंटर उनके बेटे को बना दिया. इस मामले का खुलासा तब हुआ जब बैंक ने मृतक के बेटे को लोन भरने के लिए नोटिस भेजा.
बैंक का लाइसेंस निरस्त कर चुकी है RBI
बता दें पूर्वांचल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का लाइसेंस साल 2024 में आरबीआई ने निरस्त कर दिया था. बैंक के प्रवर्तक पर आम नागरिकों की 40 करोड़ रुपये की रकम को गोलमाल करने का आरोप लगा था. अब इस बैंक पर एक और आरोप लगा है. जिस व्यक्ति की मृत्यु 2 जुलाई 2017 में हो चुकी है, उसके नाम 1 मार्च 2018 को 18 लाख रुपए का ऋण स्वीकृत कर दिया.
दुबई में रह रहे बेटे को बना दिया गारंटर
18 लाख रुपये के इस लोन पर गारंटर मृतक के बेटे शिवशंकर यादव को बनाया गया है. गारंटर के तौर पर लोन एग्रीमेंट पर शिवशंकर के फर्जी साइन भी है. मृतक के बेटे शिवशंकर यादव का कहना है कि 6 अप्रैल 2017 को दुबई शारजाह चला गया था. वह 1 मार्च को देश में ही मौजूद नहीं था. ऐसे में लोन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कैसे करेगा.
अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज
शिवशंकर यादव ने आरोप लगाया कि उनके पिता के नाम पर किसी व्यक्ति ने फर्जी तरीके से लोन ले लिया. अब पीड़ित ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक के साथ मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश, गृह सचिव उत्तर प्रदेश, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश सहित तमाम जगह पत्र भेजा. फिलहाल, पुलिस अधीक्षक निर्देश पर इस मामले में अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है.