गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे: मुरादाबाद के इन 35 गांवों से गुजरेगी सड़क
गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे परियोजना में मुरादाबाद के लिए बड़ा बदलाव हुआ है. एनएचएआई ने रूट संशोधित करते हुए प्रभावित गांवों की संख्या 51 से घटाकर 35 कर दी है. एक्सप्रेसवे बिजनौर के धामपुर से मुरादाबाद में प्रवेश करेगा और कांठ, सदर व ठाकुरद्वारा तहसील के 35 गांवों से होकर रामपुर की ओर जाएगा. संयुक्त सर्वे के बाद अंतिम रूट तय कर लिया गया है.
उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे अब मुरादाबाद की विकास यात्रा को नई रफ्तार देने जा रहा है. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस परियोजना के रूट का संशोधित खाका तैयार कर लिया है, जिसके बाद मुरादाबाद में प्रभावित गांवों की संख्या पहले प्रस्तावित 51 से घटकर अब 35 रह गई है. यानि अब 35 गांव से ही यह एक्सप्रेसवे गुजरेगा.
एनएचएआई और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर भौतिक सत्यापन के बाद अंतिम रूप से उन गांवों का चयन किया है, जिनकी जमीन इस परियोजना के लिए अधिग्रहित की जाएगी. अब प्रशासन भूमि अधिग्रहण, परिसंपत्तियों के आकलन और मुआवजा प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी में जुट गया है.
क्यों खास है गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे?
गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से को जोड़ने वाली सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है छह लेन का यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे राज्य के कई प्रमुख जिलों को जोड़ते हुए लंबी दूरी की यात्रा को आसान बनाएगा. इस एक्सप्रेसवे के बनने से पूर्वांचल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक माल परिवहन की लागत कम होगी, यात्रा का समय घटेगा और औद्योगिक निवेश को नई गति मिलेगी.
51 से घटकर 35 गांव क्यों रह गए?
परियोजना की शुरुआत में ड्रोन सर्वे के आधार पर मुरादाबाद के लगभग 60 गांव एक्सप्रेसवे की जद में बताए गए थे. बाद में तकनीकी समीक्षा के बाद यह संख्या घटकर 51 हुई. अब एनएचएआई, राजस्व विभाग, लेखपालों और परियोजना से जुड़ी एजेंसी ने संयुक्त रूप से जमीन का भौतिक सत्यापन किया. मौके पर किए गए सर्वे के दौरान रूट में आवश्यक तकनीकी बदलाव किए गए, जिससे गांवों की संख्या घटकर 35 हो गई.
मुरादाबाद में कहां से गुजरेगा एक्सप्रेसवे?
संशोधित योजना के अनुसार, एक्सप्रेसवे बिजनौर के धामपुर क्षेत्र से मुरादाबाद में प्रवेश करेगा. सबसे पहले यह कांठ तहसील के दो गांवों से होकर गुजरेगा. इसके बाद मुरादाबाद सदर के आठ गांवों को पार करते हुए ठाकुरद्वारा तहसील के 25 गांवों से होकर आगे रामपुर जिले में प्रवेश करेगा. रामपुर में यह मिलक, टांडा, बिलासपुर और स्वार क्षेत्र से गुजरते हुए आगे बरेली की ओर बढ़ेगा.
किन 35 गांवों की बदलेगी तस्वीर?
कांठ तहसील के गांव- गजांपुर और शेरपुर पट्टी एहतमाली
मुरादाबाद सदर के गांव- आजमपुर करिया नगला एहतमाली, मुस्तफापुर एहतमाली, बुढ़नपुर मुस्तक, भवानीपुर, बिलासपुर मसीत कुटी, कुकरझुंडी, नरेंद्रपुर, रसूलपुर पुरोहित
ठाकुरद्वारा तहसील के गांव- अलमगीरपुर, आराजी गनेड़ा, अगस्तमपुर, चंदरनगर, चतरपुरा, गज्जू, घोसीपुरा, फीरोजपुर, गनेड़ा असल, गनेड़ा गैंदा, ग्यारी, इनाम नगर, कार्यखेड़ा, ख्वाजपुर चंदेला, किशनपुर ग्यारी, खानपुर फैजउल्लाह, तीथड़का, मधुपुरी, नैनतापुर, पडारू, सैफलपुर पट्टी, रघुनाथपुर, सरकड़ा परमर पट्टी, शेरपुर बाहल्लीन, शेरपुर पट्टी, शिवनगर
कब शुरू होगा निर्माण?
एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार, भूमि अधिग्रहण और सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. वर्तमान में सर्वे, रिकॉर्ड सत्यापन और परिसंपत्तियों के आकलन का कार्य अंतिम चरण में है. इसके बाद मुआवजा वितरण और अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होगी.
