राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आरोपी ने बताया कि पैसों का कहां होता था बंटवारा?
राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की जांच लगातार तेज होती जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, पुलिस रिमांड में आरोपी अविनाश शुक्ला ने दावा किया कि कथित चोरी के बाद नकदी, विदेशी मुद्रा और कीमती सामान का बंटवारा 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के पास एक तय स्थान पर होता था. वहीं, एसआईटी ने अयोध्या में करीब पांच घंटे तक मैराथन पूछताछ कर 33 लोगों से जानकारी जुटाई.
राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे हो रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, पुलिस रिमांड के दौरान गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला ने पूछताछ में कई अहम जानकारियां दी हैं. दावा किया जा रहा है कि मंदिर से कथित तौर पर निकाली गई नकदी और कीमती सामान का बंटवारा एक तय स्थान पर किया जाता था.
उधर, इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने शुक्रवार को अयोध्या में करीब पांच घंटे तक मैराथन पूछताछ की. जांच के दौरान टीम ने लगभग 33 लोगों से पूछताछ की और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी जुटाई. इस दौरान कई प्रॉपर्टी डीलर और टिन्नू यादव के दो भांजो से पूछताछ की गई. इसके बाद एसआईटी की टीम लखनऊ लौट गई.
रिमांड में अविनाश शुक्ला का कथित खुलासा
सूत्रों के अनुसार, पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी अविनाश शुक्ला ने जांच अधिकारियों को बताया कि कथित चोरी के बाद सभी आरोपी 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के पास एक स्थान पर इकट्ठा होते थे. यहीं पर कथित रूप से मंदिर के चढ़ावे से निकाली गई नकदी, विदेशी मुद्रा, सोना-चांदी और अन्य कीमती सामान का आपस में बंटवारा करते थे. पुलिस अब आरोपी के इस बयान के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियों जोड़ेगी.
एसआईटी ने 33 लोगों से की पूछताछ
मामले की तह तक पहुंचने के लिए एसआईटी ने शुक्रवार को व्यापक स्तर पर पूछताछ अभियान चलाया. सूत्रों के मुताबिक, टीम ने करीब 33 लोगों से अलग-अलग चरणों में पूछताछ की. इनमें मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े लोग, चढ़ावा गणना प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारी और अन्य संबंधित व्यक्तियों को शामिल किया गया. एसआईटी ने सभी से अलग-अलग घटनाक्रम, जिम्मेदारियों और वित्तीय प्रक्रियाओं को लेकर सवाल किए.
प्रॉपर्टी डीलरों से भी पूछे सवाल
जांच का दायरा अब केवल कथित चोरी तक सीमित नहीं है. सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने शुक्रवार को कई प्रॉपर्टी डीलरों से भी पूछताछ की. टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं कथित रूप से चोरी की गई रकम का इस्तेमाल जमीन खरीदने, निवेश करने या अन्य संपत्तियां बनाने में तो नहीं किया गया. जांच एजेंसियां आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों की आर्थिक गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही हैं.
टिन्नू यादव के रिश्तेदार भी जांच के दायरे में
सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट कर्मचारी टिन्नू यादव के दो भांजों से भी करीब तीन घंटे तक पूछताछ की गई. एसआईटी ने उनसे टिन्नू यादव की गतिविधियों, आर्थिक लेन-देन, पारिवारिक संपर्क और अन्य तथ्यों के बारे में विस्तृत जानकारी ली. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पूछताछ में क्या जानकारी सामने आई है, लेकिन जांच एजेंसियां हर पहलू को बारीकी से खंगाल रही हैं.
