खेलते-खेलते खौलती चाशनी में गिरी 3 साल की मासूम, अस्पताल में तड़प-तड़पकर तोड़ा दम
बांसगांव थाना क्षेत्र के दोनखर वार्ड नंबर –4 एक तीन साल की बच्ची मिठाई के लिए तैयार हो रही चाशनी में खेलते-खेलते जा गिरी. इससे उससे शरीर का 60 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया.अब बच्ची की बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान तड़प-तड़पकर मौत हो गई.
गोरखपुर में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक 3 साल की बच्ची खेलते खेलते खौलते चाशनी में जा गिरी. आनन-फानन में परिजन उसे अस्पताल ले गए, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. बच्ची की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. यह पूरा मामला गोरखपुर के बांसगांव का है.
डाक्टरों के मुताबिक बच्ची 60% झुलस गई थी. उसके शरीर पर बड़े बड़े छाले पड़ गए थे. परिजनों के मुताबिक पड़ोस के घर में 12 मई को शादी है. इसी को लेकर हलवाई मिठाई बना रहे थे. इसी दौरान यह हादसा हो गया. बता दें कि. मृतक बच्ची हलवाई की नातिन लगती है.
गुलाब जामुन के लिए तैयार हो रही थी चाशनी
बांसगांव थाना क्षेत्र के दोनखर वार्ड नंबर –4 निवासी सुरेंद्र यादव के घर 12 मई को शादी है. शनिवार की दोपहर में मिठाई बनाई जा रही थी. पड़ोस के ही रहने वाले राजेंद्र गुप्ता अपने सहयोगियों के साथ मिठाई बनवा रहे थे. गुलाब जामुन तैयार करने के लिए एक बड़े बर्तन में चीनी की चाशनी तैयार की जा रही थी. चाशनी आग पर खौल रही थी.
इस बीच हलवाई की 3 साल की नतिनी खेलते खेलते खौलती चाशनी में जा गिरी. चाशनी में गिरते ही बच्ची चीख पड़ी. इसके बाद हलवाई राजेंद्र ने उसे निकाला. वह चाशनी से भीग गई थी, इसका पूरा शरीर झुलस गया था. शरीर पर बड़े-बड़े छाले पड़ गए थे. बच्ची को बाहर निकालते समय कई लोगों के हाथ झुलस गए थे.
बच्ची की मौत की खबर सुन माता-पिता बेसुध
परिवार के लोग बच्ची को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बांसगांव गए. यहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने इसकी हालत नाजुक देखते हुए, बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. वहां पर बच्ची करीब 4 घंटे तक तड़पती रही. शनिवार यानी 09 मई को की शाम लगभग 7 बजे बच्ची की मौत हो गई. बच्ची की मौत की खबर मिलते ही उसके माता-पिता बेसुध हो गए. अदिति अपने माता-पिता की पहली संतान थी. उसका एक साल का एक छोटा भाई भी है.