BJP वाले खरीद रहे सोना… PM मोदी की अपील पर अखिलेश का पलटवार, पूछा- अभी क्यों याद आया संकट?

प्रधानमंत्री मोदी की सोना न खरीदने की अपील पर अखिलेश यादव ने पलटवार किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि BJP के भ्रष्ट लोग काले धन को सोने में बदल रहे हैं, जबकि जनता पर चुनाव खत्म होते ही पाबंदियां लगाई जा रही हैं. अखिलेश ने अर्थव्यवस्था में घबराहट, महंगाई और विदेश नीति की विफलता के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया, इसे BJP की नाकामी बताया.

अखिलेश यादव ( प्रतीकात्मक तस्वीर)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश वासियों से सोना नहीं खरीदने और वर्क फ्रॉम होम करने की अपील पर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने पलटवार किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पूछा है कि इतनी पाबंदियों के बीच देश ‘पांच ट्रिलियन डॉलर की जुमला अर्थव्यवस्था’ कैसे बनेगा? अखिलेश ने लिखा कि BJP सरकार के हाथों से लगाम फिसल चुकी है. एक तरफ डॉलर आसमान छू रहा है, वहीं रुपया पाताल में गोते लगा रहा है.

अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि प्रधानमंत्री को सोना न खरीदने की अपील जनता के बजाय अपने ही भ्रष्ट लोगों से करनी चाहिए थी. वैसे भी 1.5 लाख रुपए तोला सोना जनता नहीं खरीद रही है. इस समय तो BJP के वफादार लोग ही अपने काले धन को सोने में बदल रहे हैं. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनकी बात गलत लगे तो ‘लखनऊ से गोरखपुर’ या ‘अहमदाबाद से गुवाहाटी’ तक जांच करके देख लीजिए.

जनता के लिए ही क्यों पाबंदियां?

अखिलेश यादव ने फिर सवाल उठाते हुए पूछा कि ये सारी पाबंदियां जनता के लिए ही क्यों और चुनाव खत्म होते ही क्यों? उन्होंने कहा कि अभी चुनाव के दौरान BJP वालों ने जो हज़ारों चार्टर फ़्लाइट्स ली थीं, क्या वे पानी से उड़ रही थीं? क्या वे होटलों में नहीं रुक रहे थे, या सिलेंडरों की तस्वीरों के साथ खाना बना रहे थे? BJP ने अपना चुनावी प्रचार सिर्फ़ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए ही क्यों नहीं कीं? अब चुनाव खत्म हो गए तो सारी पाबंदियां जनता के माथे मंढने की कोशिश की जा रही हैं.

बाजार में घबराहट की स्थिति

अखिलेश यादव ने अपने लंबे चौड़े पोस्ट में कहा कि पीएम की इस अपील से बाजार में निराशा और घबराहट की स्थिति है. व्यापार-कारोबार में मंदी या महंगाई की आशंका है. इसकी वजह से लोगों में डर और बेचैनी की स्थिति है. उन्होंने कहा कि सरकार का काम विशाल संसाधनों व समझदारी से देश को आपातकालीन स्थितियों से बाहर निकालना है, न कि डर या अफ़रा-तफ़री फैलाना. यदि ये सरकार नहीं चला सकते, अपनी नाकामी मान लेनी चाहिए.

बताई ये वजह

अखिलेश यादव ने ऐसे हालात की असली वजह देश की पारंपरिक ‘गुटनिरपेक्ष’ विदेश नीति से भटक जाना है. कहा कि ये लोग कुछ खास वजहों और दबावों के चलते कुछ खास गुटों के पीछे भाग रहे हैं. जबकि देश इसकी कीमत महंगाई, बेरोज़गारी, काम-धंधे की कमी और मंदी के रूप में चुका रहा है. किसान-मज़दूर से लेकर हर युवा, हर गृहिणी तक इसकी चपेट में है. BJP सरकार विदेश नीति और घरेलू नीति दोनों ही मोर्चों पर विफल हुई है.

BJP ने दूषित की राजनीति

अखिलेश यादव ने कहा कि इन लोगों ने चुनावी घोटालों से राजनीति को दूषित कर दिया है. नफ़रत फैलाकर सामाजिक सौहार्द को बर्बाद किया और अपने आचरण से संस्कृति और मूल्यों को कलंकित किया है. इन्होंने न तो धर्म को बख्शा, और ना ही संतों और ऋषियों को. अब वे अर्थव्यवस्था को लेकर रोना रो रहे हैं. खासतौर पर प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद जनता का जो गुस्सा अचानक भड़क उठा है, उसे BJP चुनाव के समय के किसी भी जुगाड़ से संभाल नहीं पाएगी.

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