एक महीने पहले एनकाउंटर फिर गिरफ्तारी, जेल में रहते आया हार्ट अटैक; लुटेरे की मौत से हड़कंप

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है. सर्राफा लूटकांड के आरोपी बदमाश मेहंदी हसन को पुलिस ने एक महीने पहले मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था, जिसके पैर में गोली लगी थी. इलाज के बाद उसे जेल भेजा गया, जहां ठीक एक महीने बाद उसकी हार्ट अटैक से मौत हो गई है. यह मामला गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र का है.

हार्ट अटैक से कैदी की मौत Image Credit:

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक हैरान करने वाली घटना हुई है. यहां एक बदमाश को पुलिस ने एक महीने पहले एनकाउंटर के दौरान अरेस्ट किया था. उसके पैर में गोली लगी थी. इसलिए इलाज के बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया, लेकिन ठीक एक महीने बाद इस बदमाश को हार्ट अटैक आ गया. इसमें उसकी मौत हो गई है. मामला गोरखपुर में गोला थाना क्षेत्र में बीते 27 अप्रैल को सर्राफा की दुकान में हुई लूटकांड से जुड़ा है.

गोरखपुर पुलिस के मुताबिक बीते 27 अप्रैल को गोला थाना क्षेत्र में सर्राफा की दुकान में लूट की वारदात हुई थी. इसके बाद पुलिस ने एनकाउंटर के दौरान सहारनपुर के देवबंद कस्बा निवासी आरोपी 35 वर्षीय मेहंदी हसन को अरेस्ट किया था. गोली उसके पैर में लगी थी. इसलिए इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. स्वस्थ्य होने पर उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया. इसी बीच शनिवार को अचानक उसकी तबियत बिगड़ गई. आनन फानन में अस्पताल लाया गया, जहां रविवार को डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

सीसीटीवी में कैद हुई थी वारदात

पुलिस के मुताबिक गोला थाना क्षेत्र के देवांश स्वर्ण कला केंद्र में 27 अप्रैल को हुई ये वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद है. इसमें दो बदमाश ग्राहक बनकर दुकान में आए थे. इन्होंने चांदी की अंगूठी दिखाने को कहा और मौका पाकर दोनों सोने की झाली की पुड़िया लेकर फरार हो गए थे. इस दौरान महिला कारोबारी अमृता वर्मा ने पीछा कर एक बदमाश को पकड लिया, लेकिन आरोपी उनके ऊपर हमलाकर फरार हो गया था. इसके बाद महज 48 घंटे के अंद पुलिस ने मुख्य आरोपी मेहंदी हसन समेत उसके पांच साथियों को मुठभेड़ के दौरान अरेस्ट किया था.

रेकी कर करते थे वारदात

पकड़े गए इस गैंग के बदमाशों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि किसी भी वारदात से पहले वह विधिवत रेकी करते थे. फिर मौका देखकर वारदातों को अंजाम देते थे. पहचान छुपाने के लिए ये बदमाश चोरी की बाइक का इस्तेमाल करते थे. कई बार बाइक की नंबर प्लेट भी बदल कर वारदातों को अंजाम देते थे. पुलिस के मुताबिक इन बदमाशों की दो दर्जन से अधिक वारदातों में भूमिका होने की जानकारी मिली है.

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