गोरखपुर क्यों पहुंचा यह दिग्गज तेज गेंदबाज, जिसका रिकॉर्ड आज भी है अनब्रेकेबल
चमिंडा वास इंटरनेशनल क्रिकेट अपनी सटीक लाइन-लेंथ के लिए मशहूर थे. उनके नाम क्रिकेट के कुछ ऐसे रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिन्हें आज तक कोई तोड़ नहीं सका है. फिलहाल, यह दिग्गज गेंदबाज गोरखपुर में पहली बार आयोजित हो रहे MCC हाई परफार्मेंस कैंप पहुंचा. साथ ही खिलाड़ियों को क्रिकेट के टिप्स भी दिए.
गोरखपुर में पहली बार आयोजित हो रहे MCC हाई परफार्मेंस कैंप में इंटरनेशनल क्रिकेट के स्टार बॉलर चमिंडा वास और यशस्वी जयसवाल के कोच ज्वाला सिंह पहुंचे. दोनों खिलाड़ियों को क्रिकेट के टिप्स भी दिए. इस दौरान उनके साथ केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान भी मौजूद थे. इस हाई परफार्मेंस कप में पहले ही मुंबई रणजी खिलाड़ी और अनुभवी कोच विनायक सामंत अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इस कैम्प के माध्यम से पूर्वांचल के उभरते क्रिकेटरों को अपनी प्रतिभाओ को निखारने का मौका देने की कोशिश की जा रही है.
कैंप के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया.उन्होंने कहा- आज गोरखपुर के लिए गर्व की बात है कि चमिंडा वास जैसे महान खिलाड़ी यहां आए हैं. क्रिकेट आज देश का सबसे लोकप्रिय खेल है. सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ी हमारे युवाओं के आदर्श हैं. मेरा मानना है कि हर बच्चे को पढ़ाई के साथ-साथ खेल से भी जुड़ना चाहिए. जो अच्छा खेलेगा, उसे निश्चित तौर पर बड़ा प्लेटफार्म मिलेगा.
मीडिया से बात करते हुए चमिंडा वास ने कहा कि मैं यहां पर खिलाड़ियों के स्किल को देखने आया हूं. खिलाड़ियों की बॉलिंग के स्किल्स को देखूंगा और उसी के अनुसार उनको ट्रेनिंग दी जाएगी. उन्होंने कहा की ज्यादातर युवा क्रिकेटर T20 खेलना चाहते हैं लेकिन यह मायने नहीं रखता कि वह कौन सा फॉर्मेट खेलते है. मैं यह मानता हूं कि दो चीजों को कभी नजरअंदाज नही किया जा सकता फिटनेस और अनुशासन. अगर आप में दोनों चीजें है तो आप टेस्ट और T20 दोनों फॉर्मेट खेल सकते है.
चमिंडा वास इंटरनेशनल क्रिकेट अपनी सटीक लाइन-लेंथ के लिए मशहूर थे. उनके नाम क्रिकेट के कुछ ऐसे रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिन्हें आज तक कोई तोड़ नहीं सका है. 2003 वर्ल्ड कप में उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए गोल्डन बॉल जीता था. साउथ अफ्रीका के पीटरमैरिट्जबर्ग में वर्ल्ड कप के दौरान श्रीलंका की तरफ से उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ मैच के पहले ही ओवर की पहली तीन गेंदों पर हैट्रिक लेकर दुनिया को हैरान कर दिया था.फिर उसी ओवर की पांचवीं गेंद पर चौथा विकेट भी लिया.
चमिंडा वास का 2001 में जिम्बाब्वे के खिलाफ कोलंबो में मात्र 19 रन देकर 8 विकेट आज भी वनडे क्रिकेट के इतिहास का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आंकड़ा है. उनकी घातक गेंदबाजी की बदौलत जिम्बाब्वे की पूरी टीम महज 38 रनों पर ढेर हो गई थी.फिलहाल, चमिंडा वास जैसे खिलाड़ी से ट्रेनिंग लेकर गोरखपुर और पूर्वांचल के खिलाड़ी भी अपने करियर को एक शानदार दिशा दे सकते हैं.
