‘कौन मारेगा गोली, किसने पीया है मां का दूध…’ जब मंच से राजन जी महाराज ने लगाई ललकार, मचा हड़कंप
गोरखपुर में कथावाचक राजन जी महाराज को मंच पर गोली मारने की धमकी मिली, जिससे वे क्रोधित हो गए. उन्होंने व्यास पीठ से चुनौती देते हुए कहा, "कौन मारेगा गोली, किसने पीया है मां का दूध?" उनके इस रौद्र रूप और गुस्से का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. आयोजकों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें शांत कराकर कथा जारी रखने के लिए मनाया.
उत्तर प्रदेश के सीएम सिटी गोरखपुर में मशहूर कथा वाचक राजन जी महाराज का रौद्र रूप देखने को मिला. व्यास पीठ से ही उन्होंने ललकारते हुए कहा कि ‘कौन मारेगा गोली, किसने पीया है मां का दूध…’. उनके इस तेवर को देख कथा के आयोजक भी सकते में आ गए. बड़ी मुश्किल से लोगों ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया. दरअसल कथा मंच पर चढ़ने के दौरान किसी ने उन्हें गोली मारने की धमकी दे दी थी. यह सुनते ही राजन जी महाराज भड़क गए.
उन्होंने कहा कि वह 16 साल से भगवान की कथा कर रहे हैं. इस कथा यात्रा में पहली बार ऐसी स्थिति बनी है. पहले मंच पर चढ़ने के लिए धक्का मुक्की हुई और विरोध करने पर किसी ने उन्हें और उनकी मंडली के लोगों को गोली मारने की धमकी दे दी. इसकी जानकारी होने पर राजन जी महाराज ने व्यास पीठ से ही ललकारते हुए कहा कि किसने पीया है अपनी मां का दूध जो उन्हें गोली मारेगा. इसी के साथ उन्होंने कथा करने से भी इनकार कर दिया.
सख्त तेवर देख मचा हड़कंप
हमेशा मुस्कराने वाले कथा वाचक राजन जी महाराज के इस तेवर को देखकर आयोजकों और श्रोताओं में हड़कंप मच गया. बड़ी मुश्किल से लोगों ने उन्हें समझा बुझाकर शांत कराया. इसके बाद उन्होंने कथा शुरू की. कहा कि कोई उन्हें गोली मारने की धमकी ना दे. सब लोग यहां कथा सुनने आए हैं, तो प्रेम से सुनिए. राजन जी महाराज के इस उग्र रूप और सख्त तेवर के वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहे हैं. लोग इस वीडियो पर तरह तरह की प्रतिक्रिया कर रहे हैं.
चंपा देवी पार्क में चल रही कथा
राजन जी महाराज की रामकथा इस समय गोरखपुर के चंपा देवी पार्क में चल रही है. सोमवार की सुबह कथा शुरू होने से पहले कथा मंच पर चढ़ने के लिए लोगों में धक्का मुक्की होने लगी. ऐसे में राजन जी महाराज की मंडली में से से किसी ने लोगों को मंच पर चढ़ने से रोक दिया. इसी बात पर कहासुनी हुई. इसी दौरान दूसरे पक्ष ने गोली मारने की धमकी दे दी. इतने में राजन जी महाराज व्यास पीठ पर बैठ चुके थे. उन्होंने यह धमकी सुनी तो आवेश में आ गए. उन्होंने मंच से ही धमकी देने वाले को ललकारा और कथा छोड़कर उठने लगे. हालांकि बड़ी मुश्किल से आयोजकों ने उन्हें मना लिया.