वाह रे पुलिस! वारंटी की जगह दूसरे को उठाया, हवालात में की बेरहमी से पिटाई; फिर हुआ बवाल

हमीरपुर पुलिस पर वारंटी की जगह एक अन्य युवक को गलत तरीके से गिरफ्तार करने का आरोप है. आरोप है कि हवालात में उसकी बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे युवक की हालत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए, जबकि पुलिस अपनी गलती से इनकार कर रही है. इस घटना से जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं.

हमीरपुर में गलत गिरफ्तारी पर बवाल

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में सदर कोतवाली पुलिस की एक कार्रवाई पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. मारपीट और गाली-गलौज के मामले में वारंट तामील कराने पहुंची पुलिस आरोपी की जगह कथित तौर पर किसी अन्य युवक को उठा ले आई. आरोप है कि लॉकअप में इस युवक की बेरहमी से पिटाई की गई. इससे उसकी हालत खराब हो गई. आनन फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां से बड़े अस्पताल के लिए रेफर किया गया है.

बताया जा रहा है कि पहचान की गलती की वजह से पुलिस ने इतना बड़ा कांड कर दिया. हालांकि पुलिस ने इस तरह के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. जानकारी के मुताबिक शनिवार की शाम करीब छह बजे सदर कोतवाली पुलिस शहर के मेरापुर मोहल्ले में वारंटी शिवराज को गिरफ्तार करने पहुंची थी. गलती से पुलिस उसी मोहल्ले में रहने वाले एक दूसरे शिवराज को उठा ले गई. थाने में दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान पता चला कि पकड़ा गया युवक वह व्यक्ति नहीं है, जिसके नाम से वारंट था.

हाथ-पैर बांधकर पिटाई का आरोप

घायल शिवराज का आरोप है कि पहचान की गलती सामने आने के बाद जब उसने विरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने उसे कोतवाली की हवालात में बंद कर दिया. आरोप है कि उसके हाथ-पैर बांधकर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया, जिससे उसके शरीर पर गंभीर चोटें आईं और काफी खून बह गया. युवक की चीख-पुकार सुनकर कोतवाली के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई. हालत बिगड़ने पर पुलिस उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे कानपुर के लिरेफर कर दिया. सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया.

बीच सड़क पर बवाल

जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किए जाने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया. बताया जा रहा है कि परिजन घायल शिवराज को कानपुर ले जाने के बजाय अपने घर लेकर जा रहे थे. इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस ने बीच रास्ते में उनका वाहन रोक लिया और घायल को दोबारा अस्पताल ले जाने का प्रयास किया. इस दौरान सड़क पर पुलिस और परिजनों के बीच काफी देर तक तीखी बहस और नोकझोंक होती रही. परिजन घायल को घर ले जाने की जिद पर अड़े रहे, जबकि पुलिस इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की बात कहती रही.

एक्शन में कप्तान

अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार वर्मा के मुताबिक युवक द्वारा लगाए गये मारपीट के आरोप पूरी तरह गलत हैं. पुलिस गलती से दूसरे शिवराज को थाने ले आई थी, पहचान होने के बाद युवक हंगामा करने लगा और खुद हाथ-पैर पटकने लगा, जिसे काबू किया गया. फिलहाल कोतवाली में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से घटना की जांच की जा रही है.

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