जालौन में यात्रियों से भरी बस पलटी, दर्जनों घायल; हेल्पर चला रहा था बस

जालौन में यात्रियों से भरी एक प्राइवेट बस के पलटने से बड़ा हादसा हो गया. इस घटना में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए. हादसा तेज रफ्तार और हेल्पर द्वारा बस चलाने की लापरवाही के कारण हुआ. बस संचालक पर यात्रियों की जान से खिलवाड़ का आरोप लगा है. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

जालौन में यात्रियों से भरी बस खाई में पलटी, 2 दर्जन से अधिक घायल Image Credit:

जालौन के नदीगांव थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया. जिला मुख्यालय उरई से नदीगांव जा रही यात्रियों से भरी एक प्राइवेट बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंती में पलट गई. हादसे में दो दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए, जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग और किशोर भी शामिल हैं. दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई.

जानकारी के अनुसार, गंगा ट्रेवल्स की बस संख्या UP 92 BT 2896 उरई से यात्रियों को लेकर नदीगांव की ओर जा रही थी. जब बस नदीगांव थाना क्षेत्र के कनासी सदुपुरा मार्ग के पास पहुंची, तभी अचानक चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और बस सड़क किनारे पलट गई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस तेज रफ्तार में चल रही थी और उसे ड्राइवर की जगह हेल्पर लापरवाहीपूर्वक तरीके से चला रहा था.

बस गंगा ट्रैवल्स की थी, दो दर्जन से अधिक घायल

हादसे के बाद सामने आई जानकारी ने परिवहन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों एवं यात्रियों का आरोप है कि बस का नियमित चालक वाहन नहीं चला रहा था, बल्कि हेल्पर बस को चला रहा था. बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त बस गंगा ट्रैवल्स की थी और उसे हेल्पर नरेश निवासी हरदोई गुर्जर चला रहा था. यदि यह तथ्य जांच में सही पाया जाता है तो यह यात्रियों की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ माना जाएगा.

इस भीषण दुर्घटना में भिंड, खजुरी, टिहर, पर्वतपुरा, मढ़ौरा कला, नरोल, गिदवासा, नदीगांव, और पचोकरा के रहने वाले दो दर्जन से अधिक यात्री घायल हुए हैं. सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नदीगांव पहुंचाया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को बेहतर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोंच रेफर किया गया.

एसडीएम और सीईओ ने मामले की जांच शुरू की

घटना की सूचना मिलते ही नदीगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू कराया. उपजिलाधिकारी हेमंत पटेल भी प्रशासनिक अधिकारियों एवं पुलिस बल के साथ पहुंचे. उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और चिकित्सकों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. साथ ही एसडीएम और सीईओ ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

एसडीएम हेमंत पटेल ने बताया कि दुर्घटना की जांच की जा रही है और बस संचालन में बरती गई लापरवाही और नियमों के उल्लंघन की भी जांच की जा रही है. स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है. यह हादसा एक बार फिर निजी बसों के संचालन में बरती जा रही लापरवाही और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा कर गया है.

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