दरोगा अरुण राय सुसाइड केस में ट्विस्ट… चार्जशीट का पेज नंबर 231, जिसने उलझा दी दरोगा की मौत की पूरी कहानी

जालौन पुलिस ने दरोगा अरुण राय सुसाइड केस की चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी. इस चार्जशीट के पेज नंबर 231 पर एक सुसाइड नोट का का जिक्र है. इस सुसाइड नोट ने अरुण राय की मौत की पूरी कहानी उलाझा दी है. इसमें उन्होंने महाराजगंज निवासी शिवभूषण चौबे उर्फ चंचल चौबे पर गंभीर आरोप लगाए थे.

दरोगा अरुण राय सुसाइड केस Image Credit:

जालौन के बहुचर्चित इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय हत्याकांड में दायर चार्जशीट ने मामले को नया मोड़ दे दिया है. पुलिस की ओर से हत्या के आरोपों के साथ दाखिल की गई चार्जशीट में एक सुसाइड नोट का भी उल्लेख सामने आया है. यह सुसाइड नोट घटना से 8 दिन पहले 27 नवंबर 2025 का बताया जा रहा है. चार्जशीट के पेज नंबर 231 पर दर्ज इस सुसाइड नोट में इंस्पेक्टर अरुण राय ने चंचल चौबे नामक व्यक्ति पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए आत्महत्या करने की बात लिखी है. इस खुलासे के बाद मामले को लेकर नई बहस छिड़ गई है.

आरोपी सिपाही मीनाक्षी शर्मा को अदालत में किया गया पेश

शुक्रवार यानी 06 मार्च को पुलिस ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अभिषेक खरे की अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी. 09 मार्च को इस मामले में आरोपी सिपाही मीनाक्षी शर्मा को अदालत में पेश किया गया. कोर्ट परिसर में पेशी के दौरान उसके चेहरे पर घबराहट साफ देखी गई. इसके तीन मिनट बाद उसके अधिवक्ता शिवेश सिंह सेंगर ने बीएनएसएस की धारा 230 के तहत प्रार्थना पत्र दाखिल कर कहा कि उन्हें अभी तक चार्जशीट से जुड़े दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, इसलिए मामले को सत्र न्यायालय में कमिट न किया जाए.

अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 25 मार्च तय की

सिपाही मीनाक्षी शर्मा के वकील के प्राथर्ना पत्र के बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष से जवाब मांगा. अभियोजन ने अदालत को बताया कि सभी दस्तावेज प्रस्तुत किए जा चुके हैं. इस दौरान मामले में चार बार सुनवाई हुई. इसके बाद अदालत ने बचाव पक्ष का प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया और चार्जशीट को सत्र न्यायालय के लिए कमिट कर दिया. अगली सुनवाई की तारीख 25 मार्च 2026 तय की गई है. पुलिस द्वारा दाखिल 287 पन्नों की केस डायरी और चार्जशीट में 38 गवाहों के बयान शामिल हैं. इनमें इंस्पेक्टर अरुण राय की पत्नी माया राय, हेड मुहर्रिर प्रेम नारायण, उनके भाई अरविंद और भतीजे प्रशांत समेत अन्य गवाह शामिल हैं.

सुसाइड नोट ने उलझाई कहानी

चार्जशीट में शामिल सुसाइड नोट में इंस्पेक्टर अरुण राय ने लिखा है कि उन्होंने अपने साले और साथियों से पैसे लेकर महाराजगंज निवासी शिवभूषण चौबे उर्फ चंचल चौबे को दिए थे, जिसने मकान अलॉट कराने और प्रॉपर्टी में निवेश कराने का वादा किया था. आरोप है कि पैसा लेने के बाद वह न तो रकम लौटा रहा है और न ही कोई जवाब दे रहा है, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान थे.

बचाव पक्ष के वकील ने पुलिस पर लगाए ये आरोप

वहीं, मीनाक्षी के अधिवक्ता शिवेश सिंह सेंगर का कहना है कि पुलिस ने उनकी मुवक्किल को गलत तरीके से फंसाया है. सुसाइड नोट से यह स्पष्ट होता है कि यह मामला आत्महत्या का है. दूसरी ओर जालौन के पुलिस अधीक्षक डॉक्टर दुर्गेश कुमार का कहना है कि सुसाइड नोट का इस मामले से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है. यह विवेचना का हिस्सा है और पूरी जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी. फिलहाल पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है.