थाने से केस डायरी गायब! 14 साल पुराने केस में कोर्ट सख्त, अमेठी सांसद केएल शर्मा से जुड़ा है मामला
अमेठी सांसद केएल शर्मा से जुड़े 14 साल पुराने राष्ट्रीय ध्वज अपमान केस में रायबरेली सदर कोतवाली थाने से केस डायरी गायब हो गई है. जिला अदालत ने पुलिस की इस गंभीर लापरवाही पर कड़ी फटकार लगाई है और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने डीएम को भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. साल 2012 के इस मामले में केस डायरी नौ साल बाद भी कोर्ट नहीं पहुंची है.
उत्तर प्रदेश में रायबरेली सदर कोतवाली थाने से अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा की केस डायरी गायब हो गई है. यह केस डायरी केएल शर्मा द्वारा राष्ट्रीय ध्वज के अपमान से संबंधित थी. इस संबंध में साल 2012 में मुकदमा दर्ज हुआ था. अब केस डायरी गायब होने पर जिला अदालत ने पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है. साथ ही पुलिस की इस लापरवाही को गंभीर बताते हुए उचित कार्रवाई के लिए डीएम को दिशा निर्देश दिए हैं.
इसी के साथ कोर्ट ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर के भी आदेश दिए हैं. बता दें कि रायबरेली के रहने शकील अहमद खान ने रायबरेली में 11 अगस्त 2012 को कांग्रेस के नेता केएल शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. सदर कोतवाली थाना पुलिस को दिए शिकायत में उन्होंने केएल शर्मा समेत समेत आधा दर्जन कांग्रेसियों पर राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का आरोप लगाया था.
नौ साल बाद भी कोर्ट नहीं पहुंची केस डायरी
इस मामले में कोर्ट ने 23 दिसंबर 2016 को अग्रिम विवेचना के आदेश दिए थे. इस बात को आज नौ साल हो गए, लेकिन अभी तक पुलिस ने केस डायरी कोर्ट में पेश नहीं की है. इस संबंध में शिकायतकर्ता ने कोर्ट में अवमानना दाखिल किया तो कोर्ट ने पुलिस से जवाब तलब किया. इसके बाद कोर्ट की नोटिस पर शहर कोतवाल शिव शंकर सिंह हाजिर हुए और केस डायरी गायब होने की जानकारी दी. बताया कि इस मामले की विवेचना से संबंधित किसी भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं.
दर्ज हो एफआईआर: कोर्ट
मामले की सुनवाई करते हुए एसीजेएम प्रथम निहारिका जायसवाल ने पूर्व के आदेशों की अनुपालना न होने पर नाराजगी जताई. कहा कि 18 मार्च 2026 को एसीजेएम प्रथम अनीशा के आदेश हुए थे, उसका भी पालन नहीं हुआ. अब अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम ने इस संबंध कड़ा आदेश पारित किया है. कोर्ट ने जिलाधिकारी को जारी दिशा निर्देश में केस डायरी गायब करने के मामले में जिम्मेदारी तय करे और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को कहा है.