चीफ व्हिप पद से इस्तीफा देने के बाद कमाल अख्तर का बढ़ेगा कद?
समाजवादी पार्टी में कमाल अख्तर को मुख्य सचेतक पद से इस्तीफे के बाद बड़ी जिम्मेदारी मिली है. उन्होंने सांसद रुचि वीरा से मतभेद की खबरों को खारिज करते हुए इसे संगठनात्मक बदलाव बताया. सपा का ध्यान आगामी चुनावों में बूथ मजबूत करने पर है. मुरादाबाद में कमाल अख्तर सपा का नया पावर सेंटर बन सकते हैं.
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक कमाल अख्तर को पार्टी संगठन में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद मुरादाबाद की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. मुख्य सचेतक पद से उनके इस्तीफे के बाद उठे सवालों पर पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए कमाल अख्तर ने स्पष्ट किया कि यह फैसला पार्टी का एक सामान्य और संगठनात्मक निर्णय था.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात पर कमाल अख्तर ने कहा कि बैठक में 2027 की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई. पार्टी का फोकस बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और मुरादाबाद मंडल की सभी सीटें हासिल करने पर है. उन्होंने कहा कि पार्टी में जिम्मेदारियां समय-समय पर बदलती रहती हैं और वह नेतृत्व के हर निर्णय का सम्मान करते हैं.
होर्डिंग्स या पोस्टरों पर किसी का पेटेंट नहीं
सांसद रुचि वीरा के साथ मतभेद की चर्चाओं को खारिज करते हुए कमाल अख्तर ने कहा कि मीडिया और कुछ लोग अनावश्यक रूप से राजनीतिक घटनाक्रम को व्यक्तिगत विवाद का रूप दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि पीडीए सम्मेलन के दौरान पोस्टर और होर्डिंग्स को लेकर पैदा हुए विवाद को भी पार्टी नेतृत्व पहले ही सुलझा चुका है.
उन्होंने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) सम्मेलन से जुड़े पोस्टर विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि होर्डिंग्स या पोस्टरों पर किसी का पेटेंट नहीं होता है, क्षेत्र और समीकरणों के हिसाब से नेताओं की तस्वीरें लगाई जाती हैं, जिसे मीडिया और कुछ लोग बेवजह तूल दे रहे हैं. कमाल अख्तर ने साफ किया कि वह समाजवादी पार्टी के एक समर्पित सिपाही हैं.
BJP आज तक अपना सचेतक तय नहीं कर पाई
मुरादाबाद के कांठ से विधायक कमाल अख्तर ने इस दौरान बीजेपी सराकर पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए धार्मिक और भावनात्मक विषयों को उछाल रहा है. उन्होंने कहा कि देश का आम नागरिक महंगाई, बेरोजगारी, महंगी बिजली और खराब बुनियादी सुविधाओं जैसी समस्याओं से जूझ रहा है.
उन्होंने कहा कि धर्म और राजनीति को अलग-अलग रखना चाहिए और जनप्रतिनिधियों का मुख्य दायित्व जनता को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है. कमाल अख्तर ने साथ ही तंज कसते कहा कि बीजेपी सत्ता में होने के बावजूद आज तक अपना सचेतक तय नहीं कर पाई है, और दूसरे पर सवाल करती है.