कानपुरियों का इंतजार खत्म! 13 जुलाई को होगा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे. यह 63 किमी लंबा, 4,700 करोड़ की लागत से बना एक्सप्रेसवे लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा को तेज, सुरक्षित और सुगम बनाएगा. इससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैफिक का दबाव 70% कम होगा.

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे ( प्रतीकात्मक तस्वीर) Image Credit:

कानपुरवासियों के लिए बड़ी खबर है, बहुप्रतीक्षित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बनकर पूरी तरह तैयार है. इसे 13 जुलाई से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा. एक्सप्रेसवे का लोकार्पण केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे.

हालांकि, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना फिलहाल नहीं है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने उद्घाटन समारोह की तैयारियां शुरू कर दी हैं. समारोह का आयोजन लखनऊ के कानपुर रोड क्षेत्र में प्रस्तावित है. इसी दौरान इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर बनने वाले नए फ्लाईओवर का शिलान्यास भी किया जाएगा.

NH पर ट्रैफिक दबाव 70 % होगा कम

करीब 4,700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 63KM है. इसे छह लेन के रूप में विकसित किया गया है, जबकि भविष्य में इसे आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा. परियोजना में लगभग 18 किलोमीटर एलिवेटेड सेक्शन और 45 किलोमीटर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर शामिल है, जिससे यात्रा अधिक सुगम होगी.

इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद से लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैफिक का दबाव करीब 70 प्रतिशत तक कम होने की उम्मीद है. इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घटेगा, ईंधन की बचत होगी और सड़क यात्रा अधिक सुरक्षित बनेगी.

एक्सप्रेसवे पर चार टोल प्लाजा बनाए गए

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर चार टोल प्लाजा बनाए गए हैं. वार्षिक फास्टैग योजना का लाभ लेने वाले वाहन चालकों को मात्र 15 रुपये का टोल देना होगा, जबकि सामान्य कार चालकों के लिए एक तरफ का टोल 275 रुपये निर्धारित किया गया है. वहीं, 24 घंटे के भीतर वापसी करने पर कुल 415 रुपये का शुल्क देना होगा.

43 गांवों की ली गई 480.98 हेक्टेयर भूमि

परियोजना के निर्माण के लिए 43 गांवों की 480.98 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया, जिसपर लगभग 590.87 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया. पूरे एक्सप्रेसवे पर एएनपीआर (Automatic Number Plate Recognition) और पीटीजेड (Pan-Tilt-Zoom) कैमरे लगाए गए हैं.

यह एक्सप्रेसवे लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, रायबरेली, लालगंज, आउटर रिंग रोड और आगरा एक्सप्रेसवे को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जिससे प्रदेश के परिवहन नेटवर्क को नई मजबूती मिलेगी.

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