कानपुर में वसीयत के खेल पर कोर्ट सख्त; 3 लेखपालों समेत 6 पर FIR के दिए आदेश

कानपुर कोर्ट ने जमीन धोखाधड़ी के एक मामले में तीन लेखपाल समेत 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है. यह मामला वसीयत से जुड़ी कृषि भूमि पर अवैध कब्जे का है, जिसमें लेखपालों पर मिलीभगत का आरोप है. कोर्ट ने एक सप्ताह में रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है.

जमीन धोखाधड़ी में 3 लेखपालों पर भी FIR के आदेश

वसीयत के आधार पर कृषि भूमि के मालिकाना हक को लेकर सामने आए विवाद में कानपुर की सीजेएम अदालत ने सख्त रुख अपनाया है. अदालत ने तीन लेखपालों समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है. आरोपियों में शिकायतकर्ता की सौतेली मां और उसके दो सौतेले भाई भी शामिल हैं. कोर्ट ने पुलिस को मुकदमा दर्ज कर एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई की आख्या पेश करने के निर्देश दिए हैं.

पिता की वसीयत में कृषि जमीन रामदास के नाम

मामला एक परिवार की संपत्ति और वसीयत से जुड़ा है. बताया गया कि रामदास की मां के निधन के बाद उसके पिता ने दूसरी शादी कर ली थी. दूसरी पत्नी से उनके दो बेटे और एक बेटी हैं. आरोप है कि पिता ने अपनी वसीयत में मकान दूसरी पत्नी और बच्चों के नाम किया था, जबकि कृषि भूमि रामदास के नाम की थी. लेकिन इसके बाद कृषि भूमि पर भी नजर थी.

रामदास का आरोप है कि पिता की वसीयत के बावजूद उसकी सौतेली मां और दो सौतेले भाइयों ने कथित तौर पर धोखाधड़ी कर कृषि भूमि का दाखिल-खारिज अपने नाम करा लिया. आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में तत्कालीन लेखपालों ने भी आरोपियों का साथ दिया. रामदास ने आरोपियों के ऊपर गाली गलौच करने और धमकाने का आरोप भी लगाया है.

तीन लेखपालों पर मिलीभगत का आरोप

शिकायत के मुताबिक, तत्कालीन लेखपाल प्रीति दीक्षित, राम नारायण पांडेय और राकेश कुमार पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। रामदास का आरोप है कि भूमि के नामांतरण के लिए पारिवारिक सदस्य पत्र समेत अन्य दस्तावेज तैयार कराने में भी नियमों की अनदेखी की गई।

रामदास ने आरोप लगाया कि जब उसने इस मामले का विरोध किया तो उसके साथ गाली-गलौज की गई और धमकी भी दी गई। उसने मामले की शिकायत पुलिस से की, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं होने पर उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया।

FIR दर्ज कर एक हफ्ते में रिपोर्ट देने का आदेश

शिकायत के मुताबिक, तत्कालीन लेखपाल प्रीति दीक्षित, राम नारायण पांडेय और राकेश कुमार पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया गया है. रामदास के अनुसार, लेखपालों ने पारिवारिक सदस्य पत्र बनवाने में भी खेल किया जिसकी वजह से आरोपी अपनी मंशा पूरी कर पाए. उसने पुलिस से भी शिकायत की, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं करने के आरोप हैं.

वहीं, इसके बाद रामदास ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, सीजेएम प्रदीप कुमार शुक्ला की अदालत में धारा 173(4) के तहत याचिका दाखिल की. मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने तीनों लेखपालों, सौतेली मां और दोनों सौतेले भाइयों पर FIR के आदेश दिए हैं. कोर्ट ने पुलिस से एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई की आख्या भी मांगी है.

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