नहीं चलेंगे समाज को बांटने वाले कानून… अलंकार अग्निहोत्री ने भरी हुंकार, बोले- केंद्र सरकार है वेस्ट इंडिया कंपनी

पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार को 'वेस्ट इंडिया कंपनी' बताते हुए एक बार फिर हुंकार भरी है. कहा कि समाज को बांटने वाले कानून, जैसे यूजीसी और एससी/एसटी एक्ट, अब नहीं चलेंगे. सवर्ण समाज जाग चुका है और किसी भी तरह के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा. उन्होंने सरकार पर वोट बैंक की राजनीति के लिए विभाजनकारी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया.

घर पहुंचने पर अलंकार अग्निहोत्री का स्वागत Image Credit:

उत्तर प्रदेश के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट रहे पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री इस्तीफा देने के बाद आज रविवार को अपने घर कानपुर पहुंचे. वहां उनके परिजनों ने जोरदार स्वागत किया. इस दौरान उनके समर्थक भी बड़ी संख्या में मौजूद थे. अलंकार अग्निहोत्री के गाड़ी से उतरते ही लोग ‘शेर आया…’ के नारे लगाने लगे. समर्थकों से मिलने के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने एक बार फिर प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ हुंकार भरी है.

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार ईस्ट इंडिया कंपनी भारत को लूटने के लिए आई थी, ठीक उसी प्रकार भारत सरकार लूट रही है. उन्होंने केंद्र सरकार को वेस्ट इंडिया कंपनी बताया. इसी के साथ उन्होंने केंद्र सरकार को ललकारते हुए कहा कि सवर्ण समाज अब जाग गया है. देश में अब किसी हाल में समाज को बांटने वाले कानून नहीं चलेंगे. अलंकार अग्निहोत्री के घर पहुंचने पर उनकी मां समेत सभी परिजनों ने स्वागत किया. मां ने उन्हें अपने गले लगाया और हाथ पकड़कर घर के अंदर ले गई.

मीडिया से भी बात की

अपने घर पहुंचने के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने मीडिया से भी बात की. उन्होंने कहा कि यूजीसी कानून के बाद एससी एसटी एक्ट को भी समाप्त किया जाना चाहिए. इसके लिए मांग उठाई जाएगी. उन्होंने सरकार को चैलेंज करते हुए कहा कि उन्हें समझ लेना चाहिए कि अब सवर्ण समाज और ब्राह्मण समाज जागरुक हो चुका है. इसलिए समाज में विघटन वाले कानून अब नहीं चलेंगे. स्वर्ण समाज के खिलाफ अत्याचार और उत्पीड़न की लड़ाई जारी रहेगी.

देश से बाहर जा रहा बजट

इस मौके पर अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि बजट का एक बड़ा हिस्सा देश के बाहर जा रहा है. इसे रोकने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि यूजीसी का रेजोल्यूशन किसी हाल में स्वीकार नहीं है और इसे लागू नहीं होने दिया जाएगा. केंद्र सरकार वोट बैंक की राजनीति के चलते इसे लागू करना चाहती है, लेकिन यह बहुत ही विघटनकारी है. अलंकार ने कहा कि यह नियम सवर्ण और ओबीसी को लड़ाने वाला था. सरकार यूपी में खुलकर स्वर्ण वर्सेस ओबीसी और ओबीसी वर्सेस एससी का खेल करना चाह रही है.

सफाई भी दी

अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि वह किसी सरकार के खिलाफ नहीं हैं और ना ही सरकार के खिलाफ कोई कदम उठाया है. उनके मुख्यमंत्री भी अपने हैं, लेकिन बीजेपी के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्रा ने भी इस विघटनकारी कानून के खिलाफ आवाज उठाया है. उसके बाद भी सरकार नहीं जाग रही. इसका मतलब साफ है कि एक सोची समझी साजिश के तहत इसे लागू किया जा रहा था. उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह विघटनकारी मानसिकता के तहत देश में काम कर रहे हैं. कहा कि उनकी सरकार अल्पमत में है, इसलिए वह इन्हें देश का प्रधानमंत्री और गृहमंत्री मानने से इनकार करते हैं.

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