कानपुर में आने वाली है दंगाइयों की शामत, ‘ब्लैक हॉक’ कमांडो विंग तैनात, जानें क्या है खास
कानपुर में शहर की कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने और अपराध पर लगाम लगाने के लिए 'ब्लैक हॉक' विंग बनाया गया है. ये टीम दंगों और बवाल जैसी स्थितियों में 'क्विक रिस्पॉन्स टीम' (QRT) के तौर पर काम करेगी. इस विंग में 60 जांबाज कमांडो को रखा गया है. इसके लिए 60 सबसे एक्टिव और ऊर्जावान पुलिसकर्मियों को चुना गया है.
कानपुर में अब दंगाइयों और उपद्रवियों की शामत आने वाली है. शहर की कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने एक घातक विंग तैयार की है, जिसे नाम दिया गया है ब्लैक हॉक’. काले सुरक्षा कवच में लिपटे ये जांबाज कमांडो शहर की गलियों में उतर चुके हैं. आखिर क्या है यह ब्लैक हॉक दस्ता और कैसे यह दंगाइयों के मंसूबों को खाक में मिलाएगा हम आपको यहां बताएंगे.
‘ब्लैक हॉक’ विंग में 60 जाबांज कमांडो
औद्योगिक नगरी कानपुर की सुरक्षा अब ‘ब्लैक हॉक’ के जिम्मे है. शहर की संवेदनशीलता को देखते हुए कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने ये ऐसी स्पेशल यूनिट तैयार की है, जो दंगों और बवाल जैसी स्थितियों में ‘क्विक रिस्पॉन्स टीम’ (QRT) के तौर पर काम करेगी. इस विंग में 60 जांबाज कमांडो को रखा गया है. इसके लिए 60 सबसे एक्टिव और ऊर्जावान पुलिसकर्मियों को चुना गया है.
मौके पर निर्णय लेने की दी गई शक्तियां
ब्लैक हॉक कमांडो को खास तौर पर भीड़ नियंत्रण और छापामार कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है.ये जवान आधुनिक काले रंग के बॉडी गियर यानी ब्लैक बॉडी प्रोटेक्टर से लैस होंगे, जो इन्हें पथराव और हमले से सुरक्षित रखेगा.ब्लैक हॉक विंग को केवल तैनात ही नहीं किया गया है, बल्कि इन्हें मौके पर निर्णय लेने की बड़ी शक्तियां भी दी गई हैं. यदि कहीं दंगा या आगजनी जैसी स्थिति बनती है, तो ये कमांडो परिस्थितियों के अनुसार, तत्काल लाठीचार्ज का फैसला, रबड़ बुलेट (Rubber Bullets) से फायरिंग और आंसु गैस (Tear Gas) के गोलों का इस्तेमाल करने का फैसला ले सकते हैं.
क्यों किया गया ‘ब्लैक हॉक’ विंग का गठन?
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (L&O) डॉ. विपिन ताडा ने कहा कि “हमने शहर में त्वरित कार्यवाही और तोड़फोड़ जैसी घटनाओं पर नियंत्रण पाने के लिए ‘ब्लैक हॉक’ विंग का गठन किया है. इनका मुख्य उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलने पर कम से कम समय में मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालना है.” फिलहाल ये ब्लैक हॉक दस्ता ट्रायल मोड पर है. ज्वाइंट सीपी लाइन ऑर्डर विपिन तांडा ने बताया कि रोजाना शहर के अलग-अलग संवेदनशील इलाकों और तंग गलियों में स्थानीय थाने की फोर्स के साथ ये जवान रूट मार्च कर रहे हैं.
शांति भंग करने वालों की अब खैर नहीं
इस विंग का मकसद न केवल अपनी ताकत दिखाना है, बल्कि अपराधियों के मन में खौफ और आम जनता के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करना है.कानपुर पुलिस की यह पहल बताती है कि अब शहर की शांति भंग करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. ब्लैक हॉक की पैनी नजर अब हर उस शख्स पर है जो कानून हाथ में लेने की जुर्रत करेगा.