जन्मदिन से 6 दिन पहले नर्सिंग छात्रा की संदिग्ध मौत, फंदे से लटकता मिला शव
कानपुर में बीएससी नर्सिंग की 20 वर्षीय छात्रा आशिया खातून ने किराए के कमरे में कथित तौर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. सबसे भावुक बात यह है कि 12 जुलाई को उसका जन्मदिन था, लेकिन उससे छह दिन पहले ही उसकी मौत हो गई. पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जबकि छात्रा का मोबाइल फोन लॉक मिला है, जिसकी जांच की जा रही है.
उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है. बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही 20 वर्षीय छात्रा ने किराए के कमरे में फंदा लगाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. सबसे दर्दनाक बात यह है कि छात्रा का 12 जुलाई को जन्मदिन था, लेकिन उससे महज छह दिन पहले ही उसकी जिंदगी खत्म हो गई. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी.
फिलहाल पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जबकि छात्रा का मोबाइल फोन पासवर्ड से लॉक होने के कारण उसकी जांच की जा रही है. यह घटना कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र के बगदौधी बांगर इलाके की है. मृतका की पहचान आशिया खातून के रूप में हुई है. वह कुशीनगर जिले के तमकुही थाना क्षेत्र की रहने वाली थी और मंधना स्थित रामा मेडिकल कॉलेज में बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा थी.
सुबह दरवाजा नहीं खुला तो हुआ शक
पढ़ाई के लिए आशिया ने कॉलेज के पास एक मकान की दूसरी मंजिल पर किराए का कमरा लिया हुआ था, जहां वह अकेली रहती थी. सोमवार सुबह पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने रोज की तरह आशिया को आवाज लगाई, लेकिन काफी देर तक अंदर से कोई जवाब नहीं मिला. कई बार आवाज देने के बावजूद दरवाजा नहीं खुला तो लोगों को अनहोनी की आशंका हुई. पड़ोसियों ने रोशनदान से कमरे के अंदर झांककर देखा तो आशिया का शव फंदे से लटका मिला.
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
सूचना मिलते ही बिठूर थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने दरवाजा खुलवाकर कमरे का निरीक्षण किया. इसके बाद फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. शुरुआती जांच में कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका. पुलिस ने छात्रा का मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया है.
मोबाइल फोन से खुल सकता है मौत का राज
हालांकि मोबाइल पासवर्ड से सुरक्षित है, इसलिए अभी उसकी जांच नहीं हो सकी है. जांच अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल के कॉल रिकॉर्ड, चैट, सोशल मीडिया गतिविधियां और अन्य डिजिटल साक्ष्य इस मामले में महत्वपूर्ण सुराग दे सकते हैं. इसके लिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है.
12 जुलाई को था जन्मदिन
परिजनों के मुताबिक, 12 जुलाई को आशिया का जन्मदिन था. परिवार उसकी जन्मदिन की तैयारियों में जुटा हुआ था और घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन जन्मदिन से छह दिन पहले आई इस दुखद खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया. आशिया की मौसेरी बहन शमा परवीन ने बताया कि किसी ने कभी नहीं सोचा था कि वह ऐसा कदम उठा सकती है. परिवार को अभी तक समझ नहीं आ रहा कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसकी वजह से उसने यह फैसला लिया.
बस चालक हैं पिता, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
आशिया के पिता पेशे से बस चालक हैं. बेटी की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया. उसके दो भाई और दो बहनें भी इस घटना से गहरे सदमे में हैं. सूचना मिलते ही सभी परिजन कानपुर के लिए रवाना हो गए. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. जिस बेटी के जन्मदिन की तैयारी चल रही थी, अब उसी के जनाजे की तैयारी करनी पड़ रही है.
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि कमरा अंदर से बंद था और मौके से सभी आवश्यक साक्ष्य एकत्र कर लिए गए हैं.पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, मोबाइल की जांच और परिजनों से पूछताछ के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी. उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.