धर्मांतरण, भूत बाधा और गांजे का शौक… 3 थ्योरी में उलझा कानपुर में दीपक सुसाइड केस

कानपुर के बहुचर्चित दीपक सुसाइड केस में पुलिस तीन बड़ी थ्योरी निकलकर सामने आई है. इसमें जबरन धर्मांतरण, भूत बाधा का दावा और गांजे की लत आदि शामिल है. मृतक दीपक ने सुसाइड वीडियो में धर्मांतरण की बात कही थी, वहीं परिवार ने मजार पर ले जाने और मारपीट के आरोप लगाए हैं. परिजनों ने बताया कि उसे भूत-प्रेत भी दिखते थे. पुलिस इन सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है.

सांकेतिक तस्वीर Image Credit:

उत्तर प्रदेश के कानपुर में दीपक सुसाइड केस बुरी तरह उलझ गया है. दीपक की सुसाइड की तीन वजह सामने आई हैं. इसमें एक धर्मांतरण है तो दूसरा भूत बाधा बताया जा रहा है. वहीं तीसरी वजह गांजे का शौक के रूप में सामने आई है. इन तीनों वजह को लेकर खुद पुलिस भी चक्करघिन्नी बन गई है. ऐसे हाल में घटना के 48 घंटे बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है. उधर, मृतक दीपक की आत्मा की शांति के लिए रविवार को लोगों ने शहर में कैंडल मार्च निकाला और पुलिस से कार्रवाई की मांग की.

बता दें कि बीते बुधवार को कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र के रतनपुर में रहने वाले दीपक सिंह गौर नामक एक युवक का वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हुआ था. इस वीडियो में कुछ बातें कहीं और फिर फांसी के फंदे पर लटक गया था. वीडियो में युवक ने जबरन धर्मांतरण की बात कहीं थी. कहा था कि इससे परेशान होकर वह सुसाइड कर रहा है. इसी वीडियो में वह भारत में गांजा बंद करने और नारी के सम्मान की भी बात की थी. कहा था कि धर्म परिवर्तन गांजा करा रहा है.

वीडियो में बताई सुसाइड की वजह

युवक ने इस वीडियो के आखिर में माफी मांगते हुए कहा है कि उसने कुछ ऐसी गलतियां की है, जिसकी वजह से उसे मौत को गले लगाना पड़ रहा है. पुलिस के मुताबिक इस वीडियो युवक की मौत की वजह के रूप में धर्मांतरण और गांजा निकल कर सामने आया है, लेकिन मामले की जांच में एक तीसरी वजह भी सामने आई है. बताया जा रहा है कि वह भूत-प्रेत के फेर में भी पड़ गया था. अब इन तीनों वजहों में खुद पुलिस भी उलझ गई है. आलम यह है कि इन तीनों ही वजहों की जांच में पुलिस अब तक किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पायी है.

परिजनों ने बताई ये कहानी

दीपक के परिजनों ने उसके अंतिम वीडियो की गहनता से जांच कराने की मांग की है. आरोप लगाया कि कुछ लोग उसके ऊपर धर्मांतरण का दबाव बना रहे थे. विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई है. इसके प्रमाण दीपक के शरीर पर मिले चोट के निशान से भी होती है. दीपक की बहन निशा सिंह ने पुलिस को बताया कि 26 जनवरी को उसका भाई छोटी बहन के घर लखनऊ गया था. वहां उसने कुछ बातें बताई और अगले दिन घर आकर इस संबंध में उससे भी बात की थी. कहा था कि ट्रेन में कुछ लोग उसके पीछे पड़ गए थे और धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहे थे.

मजार पर भी ले गए

बहन निशा ने बताया कि इन लोगों ने लालच दिया, इससे भी काम नहीं बना तो उसके भाई को डरा धमकाकर लखनऊ में चारबाग स्टेशन के पास एक मजार ले गए थे. इस शिकायत पर पुलिस चारबाग रेलवे स्टेशन एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है. इससे पहले दीपक के परिजनों ने उसका मानसिक संतुलन खराब होने की बात कही थी. बताया था कि उसे उसे भूत दिखते थे. परिजनों के मुताबिक दीपक अक्सर अपना छोड़ने की बात कहता था. कहता था कि इस घर में भूत हैं. दीपक के भाई मोहित ने बताया कि तीन-चार दिनों से वह बेहद तनाव में था.

लोगों में आक्रोश

दीपक सुसाइड केस को लेकर लोगों में खूब आक्रोश है. रविवार को लोगों ने घटना का विरोध करते हुए रतनपुर इलाके में सड़क जाम किया और पुलिस से इंसाफ की मांग की. इस दौरान लोगों ने कैंडल मार्च कर दीपक की आत्मा की शांति के लिए भी कामना की. स्थानीय लोगों ने धर्मांतरण वाले एंगल पर जोर देते हुए कहा कि इस तरह की हरकत करने वालों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कठोर से कठोर सजा दी जानी चाहिए.