किडनी बेचने वाले आयुष को देखते ही फूट-फूट कर रो पड़ी गर्लफ्रेंड, बोली- मुझे क्यों नहीं बताया

बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला आयुष देहरादून से एमबीए कर रहा था. घर में आर्थिक तंगी थी और एमबीए की फीस जमा करने के पैसे भी नहीं थे.इसी दौरान आयुष एक व्यक्ति के द्वारा किडनी कांड के मुख्य आरोपी शिवम के संपर्क में आया.इसके बाद आयुष ने किडनी बेचने का फैसला किया. अस्पताल में भर्ती आयुष से मिलने उसकी गर्लफ्रेंड आई. उसे देखते ही गर्लफ्रेंड फफक-फफक कर रो पड़ी.

किडनी बेचने वाले आयुष को देखते ही रो पड़ी गर्लफ्रेंड Image Credit:

कहते है कठिन वक्त में सबसे ज्यादा वही लोग याद आते है जिनको हम प्यार करते है. कुछ ऐसा ही हुआ कानपुर के चर्चित किडनी कांड में. इस मामले में किडनी डोनेट करने वाले आयुष ने किसी को नहीं बताया था कि वो किडनी बेचने जा रहा है. जब यह आयुष की गर्लफ्रेंड को पता चला तो उससे रुका नहीं गया और वो बिहार से चलकर कानपुर पहुंच गई. अब आयुष के लखनऊ जाने के बाद उसकी गर्लफ्रेंड उसका वहीं ख्याल रखेगी.

आर्थिक तंगी से परेशान था आयुष

बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला आयुष देहरादून से एमबीए कर रहा था. आयुष के पिता का देहांत हो चुका था और घर में मां के अलावा एक बहन भी है. अपनी और बहन की पढ़ाई के साथ आयुष को बहन की शादी की भी चिंता थी. घर में आर्थिक तंगी थी और एमबीए की फीस जमा करने के पैसे भी नहीं थे.इसी दौरान आयुष एक व्यक्ति के द्वारा किडनी कांड के मुख्य आरोपी शिवम के संपर्क में आया.इसके बाद आयुष ने किडनी बेचने का फैसला किया.उसने इस बारे ने अपने घरवालों को भी नहीं बताया था.

आयुष से मिलने आई गर्लफ्रेंड

आयुष ने किडनी बेचने की जानकारी बिहार के बेगूसराय में रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड को भी नहीं दी थी.यह मामला खुलने के बाद आयुष ने गर्लफ्रेंड को बुलाया.यहां पहुंच कर आयुष की गर्लफ्रेंड फफक कर रो पड़ी.कड़ी पुलिस सुरक्षा में पहुंची गर्लफ्रेंड ने आयुष से पूछा कि आखिर किडनी बेचने की जरूरत ही क्यों पड़ी. उसको बताना तो चाहिए था.गर्लफ्रेंड ने डॉक्टर्स से भी आयुष की तबियत के बारे में जानकारी ली. कुछ घंटे रुकने के बाद आयुष की गर्लफ्रेंड उसके बाद चली गई.

पहले से ठीक है आयुष की तबीयत

अब आयुष को लखनऊ शिफ्ट कर दिया गया है. कानपुर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ संजय काला के अनुसार आयुष की तबियत अब पहले से काफी ठीक है और उसने खाना पीना भी शुरू कर दिया है.ऐसी उम्मीद है कि जल्दी ही आयुष के घरवाले भी उससे मिलने लखनऊ पहुंच सकते है.

Follow Us