लैंबॉर्गिनी हादसे में नया ट्विस्ट, सरेंडर करने पहुंचा ड्राइवर, बोला- मैं चला रहा था गाड़ी, लेकिन पुलिस का दावा अलग

कानपुर में लैम्बोर्गिनी हादसे को लेकर आरोपी शिवम के पिता केके मिश्रा ने दावा किया था कि एक्सीडेंट के वक्त गाड़ी उनका बेटा नहीं बल्कि ड्राइवर चला रहा है. कोर्ट में सरेंडर करने आए ड्राइवर मोहन ने भी स्वीकार किया गाड़ी शिवम नहीं बल्कि वह चला रहा था. लेकिन पुलिस का दावा इससे बिल्कुल अलग है.

कानपुर लेम्बोर्गिनी हादसा Image Credit:

कानपुर के बहुचर्चित लैंबॉर्गिनी हादसे में कथित ड्राइवर मोहन ने बुधवार यानी 11 फरवरी की दोपहर कोर्ट में सरेंडर कर दिया. वकील के साथ पहुंचे मोहन ने मीडिया से बातचीत में स्वीकार किया कि हादसे वाली लैंबॉर्गिनी को शिवम नहीं बल्की वह खुद चला रहा था. शिवम गाड़ी में बैठा हुआ था. तभी ये हादसा हो गया. जब शीशा तोड़ा और दरवाजा खोला गया, तो मैं नीचे से निकल गया. बाउंसर ने शिवम को निकाला. हादसे के बाद मैं कोने में खड़ा हो गया था और शिवम को दूसरी गाड़ी में ले जाया गया. ड्राइवर ने यह भी बताया कि वह सभी गाड़ी चला लेते हैं.

8 फरवरी को हुआ था हादसा

यह हादसा रविवार, 8 फरवरी को VIP रोड पर हुआ, जब तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी ने 6 लोगों को रौंद दिया. पुलिस कमिश्नर ने जांच के आधार पर दावा किया था कि गाड़ी तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा चला रहा था. शिवम का नाम FIR में जोड़ा गया. घायलों में चमनगंज घुसियाना निवासी मोहम्मद तौफीक शामिल हैं, जिनकी तहरीर पर कार नंबर के आधार पर FIR दर्ज की गई थी. हालांकि, अरबपति कारोबारी के रसूख के चलते पुलिस ने शुरुआत में केवल गाड़ी नंबर पर केस दर्ज किया.

केके मिश्रा ने ड्राइवर मोहन के गाड़ी चलाने का किया था दावा

मंगलवार यानी 10 फरवरी दोपहर मामले में ट्विस्ट आया, जब केके मिश्रा ग्वालटोली थाने पहुंचे. उन्होंने दावा किया कि हादसे के समय बेटा शिवम नहीं, बल्कि ड्राइवर मोहन गाड़ी चला रहा था. केके ने कहा, “शिवम उस वक्त सो रहा था. हादसे के बाद कार लॉक हो गई, जिससे बेटे की तबीयत बिगड़ गई. ठीक होने पर मैं खुद उसे थाने लेकर आऊंगा.” केके मिश्रा ने दावा किया कि शिवम के दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती है.

शिवम की तरफ से गाड़ी को रिलीज के लिए अर्जी दाखिल

बुधवार यानी 11 फरवरी को शिवम की तरफ से गाड़ी की रिलीज के लिए अर्जी दाखिल की गई, जबकि ड्राइवर मोहन की तरफ से अर्जी दाखिल करते हुए जमानत की गुहार लगाई गई. मीडिया से बात करते हुए ड्राइवर ने बताया कि लैंबॉर्गिनी में 9 गियर होते हैं. वह हर तरह की गाड़ी चला लेता है. फिलहाल, दोनों अर्जी पर कोर्ट का फैसला आना बाकी है.

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