जुलाई में नौबस्ता तक दौड़ सकती है मेट्रो… CMRS ने परखी सुरक्षा, हाई-स्पीड ट्रायल रहा सफल
कानपुर मेट्रो के IIT-नौबस्ता कॉरिडोर का CMRS निरीक्षण अंतिम चरण में है. सफल हाई-स्पीड ट्रायल, इंटीग्रेटेड टेस्टिंग और सुरक्षा जांच पूरी हो चुकी है. उम्मीद है कि जुलाई से कानपुरवासी इस पूरे कॉरिडोर पर मेट्रो सेवाओं का लाभ उठा पाएंगे. सब कुछ समय से हुआ तो एक्सप्रेसवे के साथ मेट्रो का भी उद्घाटन हो जाएगा.
कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-1 (IIT से नौबस्ता) के बचे हुए हिस्से कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक का रेल संरक्षा आयुक्त (CMRS) द्वारा किया जा रहा निरीक्षण अब अंतिम चरण में पहुंच गया है. निरीक्षण के दूसरे दिन हाई-स्पीड ट्रायल, सिग्नलिंग सिस्टम की जांच, स्टेशनों का विस्तृत निरीक्षण और अन्य तकनीकी परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए गए.
इसके साथ ही पूरे कॉरिडोर की इंटीग्रेटेड फाइनल टेस्टिंग भी संपन्न हो गई, जिसके बाद रविवार से मेट्रो सेवाएं पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार संचालित होंगी. निरीक्षण की शुरुआत नवीन मार्केट स्टेशन से हुई, जहां से CMRS नीलाभ्र सेनगुप्ता और उनकी टीम ने मेट्रो ट्रेन के माध्यम से नौबस्ता तक यात्रा कर विभिन्न तकनीकी मानकों का परीक्षण किया.
नौबस्ता कॉरिडोर पर पहली बार इंटीग्रेटेड टेस्टिंग
इसके बाद मोटर ट्रॉली से नौबस्ता से कानपुर सेंट्रल तक अप-लाइन ट्रैक का बारीकी से निरीक्षण किया गया. इस दौरान नौबस्ता, बौद्ध नगर, वसंत विहार, किदवई नगर, बारादेवी, ट्रांसपोर्ट नगर और झकरकटी स्टेशनों पर यात्री सुरक्षा, स्टेशन कंट्रोल रूम, एस्केलेटर, लिफ्ट, फायर अलार्म सिस्टम और अन्य आवश्यक सुविधाओं का मूल्यांकन किया गया.
निरीक्षण के दौरान पूरे आईआईटी-नौबस्ता कॉरिडोर पर पहली बार इंटीग्रेटेड टेस्टिंग की गई. इसमें सिग्नलिंग, ट्रैक, बिजली आपूर्ति, दूरसंचार और ट्रेन संचालन से जुड़ी सभी प्रणालियों का संयुक्त परीक्षण सफल रहा. इस दौरान अत्याधुनिक CBTC (कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल) सिग्नलिंग सिस्टम और ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन (ATO) की भी जांच की गई.
80 किमी की रफ्तार से दौड़ी कानपुर मेट्रो
इसके अलावा मेट्रो ट्रेन को 80KM प्रति घंटे की अधिकतम स्पीड और ब्रेकिंग सिस्टम का परीक्षण भी सफलतापूर्वक पूरा किया गया. UPMRC के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि CMRS निरीक्षण के दौरान किए जाने वाले हाई-स्पीड रन, स्पीड एवं ब्रेकिंग टेस्ट और अन्य तकनीकी परीक्षण यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण होते हैं.
उन्होंने कहा कि व्यस्त शहरी क्षेत्र से गुजरने वाला यह कॉरिडोर पूर्ण रूप से चालू होने के बाद कानपुरवासियों को तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराएगा. गौरतलब है कि कानपुर मेट्रो के प्रथम कॉरिडोर में अभी आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो की सुविधा उपलब्ध है. प्रथम कॉरिडोर नौबस्ता तक बन गया है.
