कानपुर ट्रैफिक: 1 अप्रैल से स्कूलों के बाहर पार्किंग बैन, स्कूल का समय भी अलग-अलग होगा
कानपुर में अब स्कूल के बाहर सड़क पर वाहन पार्किंग प्रतिबंधित होगी. 1 अप्रैल से 81 स्कूलों के लिए नई समय सारिणी लागू होगी, जिसका उद्देश्य स्कूल छूटने के दौरान लगने वाले जाम से निजात दिलाना है. अभिभावकों को बच्चों को छोड़ने-लाने के लिए नई व्यवस्था का पालन करना होगा.
अगर आपके बच्चे स्कूल जाते हैं और आप अपने वाहन से छोड़ने या लाने जाते हैं तो यह खबर आपके लिए है. अगर आपने अपने वाहन को स्कूल के सामने सड़क पर खड़ा किया तो आपके खिलाफ कार्यवाही हो सकती है. सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि ट्रैफिक जाम को देखते हुए शहर के 81 स्कूलों की समय सारणी भी 1 अप्रैल से बदली जा रही है.
कभी मैनचेस्टर ऑफ ईस्ट के नाम से चर्चित उत्तर प्रदेश का औद्योगिक शहर कानपुर आज जाम की सबसे बड़ी समस्या से जूझ रहा है. वैसे तो शहर में पूरे दिन ही जाम की समस्या रहती है लेकिन दोपहर को स्कूल छूटने के दौरान यह समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है. इसी से निपटने के लिए शहर के प्रशासन ने स्कूलों को लेकर दो नई व्यवस्था शुरू की है.
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हुआ निर्णय
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यालयों में संचालित बसों, अन्य वाहनों तथा अभिभावकों के निजी वाहनों की पार्किंग अब विद्यालय के सामने मुख्य सड़क पर बिल्कुल नहीं की जाएगी. इससे सड़क पर अनावश्यक भीड़भाड़ और यातायात जाम की समस्या पर अंकुश लगेगा. साथ ही छुट्टी के समय कर्मचारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में ये निर्णय लिए गए हैं. इसके अलावा जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया. कानपुर शहर के जाम प्रभावित इलाकों में स्थित 81 विद्यालयों के संचालन को लेकर भी नई समय सारिणी निर्धारित की गई है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगी.
एक साथ स्कूलों के खुलने और छूट्टी में होगा बदलाव
जिलाधिकारी ने शहर के 81 विद्यालयों के खुलने और बंद होने के समय में बदलाव करने के निर्देश दिए हैं. इसके तहत स्कूलों के खुलने और छूट्टी होने का समय एक साथ न होकर अलग-अलग होगा, समय सारिणी के माध्यम से विद्यालयों के खुलने और बंद होने के समय में उचित अंतर रखा गया है. उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को भी कहा है.
