‘भूख से न मर जाएं, इसलिए रेत दिया ताऊ का गला’, भतीजे का खौफनाक कबूलनामा

कानपुर में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है. बुजुर्ग की हत्या के आरोपी भतीजे ने बताया. घर की माली हालत खराब थी. खाने को कुछ नहीं था. ऐसे में भूख के चलते ताऊ मर ना जाए, इसलिए खुद उनपर कैंची से वार कर उन्हें जान से मार दिया.

कानपुर में भतीजे ने की खुद के ताऊ की हत्या

कानपुर देहात के शिवली थाना क्षेत्र में 70 साल के बुजुर्ग प्रताप सिंह की हत्या के मामले पुलिस ने महज 24 घंटे के अंदर ही खुलासा कर दिया. पुलिस के मुताबिक बुजुर्ग की हत्या के पीछे उसके भतीजे का ही हाथ है. फिलहाल, पुलिस ने मृतक के ही भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ में आरोपी ने बुजुर्ग की हत्या की जो वजह बताई, उसने सबको हैरान कर दिया.

घटना के बाद मृतक के भाई भूरा सिंह की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए शिवली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साक्ष्य जुटाए और मुखबिर की सूचना पर 22 वर्षीय सूरज सिंह को मलिकपुर मोड़ से गिरफ्तार कर लिया. आरोपी मृतक का ही भतीजा है.पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई कैंची भी बरामद कर ली.

पुलिस की पूछताछ में में क्या बोला आरोपी

पुलिस पूछताछ में सूरज ने बताया कि उसके पिता की कई साल पहले मौत हो चुकी है. वह अपने दादा ( ताऊजी) प्रताप सिंह व भूरा सिंह के साथ मलिकपुर गांव में सडक किनारे वाले मकान में रहता था. हम लोग खुद ही खाना बनाकर खाते थे. उसका कुछ दिन पहले गेहूं बेचने को लेकर दादा भूरा सिंह से झगड़ा हो गया था. वह घर से चले गए और अलग मकान में रहने लगे.

सूरज ने आगे बताया कि हमारा खाने पीने का सामान व राशन सब खत्म हो रहा था. घर में केवल थोड़ा सा आटा बचा था. दादा प्रताप सिंह मेरे साथ ही रह रहे थे. 13 जून को दादा ने खाना मांगा. लेकिन घर पर कुछ नहीं था. मैं उनकी बातों से परेशान हो रहा था. मुझे लगा कि ये भूखे मर जाएंगे. इससे अच्छा है इन्हें मार देता हूं. फिर कैंची से उनके गर्दन पर वार कर दिया.

सूरज सिंह ने बताया दादा प्रताप सिंह वहीं गिर पड़े. उनकी गर्दन और मुंह से खून निकलने लगा. कुछ देर बाद उन्होंने दम तोड़ दिया. फिर मैंने कैंची रुमाल में रखकर ऊपर वाले कमरे में ईट के नीचे छिपा दी थी. अपनी बुआ पानकुमारी के घर रतनपुर पनकी चला गया. वहां, डर के चलते मैंने उन्हें बता दिया कि दादा प्रताप सिंह सीढ़ी से गिरकर खत्म हो गए. डर के चलते किसी से सही बात नहीं बताई.

(कानपुर देहात से बृजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट)

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