सपा विधायक की भीष्म प्रतिज्ञा पूरी, 11 दिन बाद पहने कुर्ता और चप्पल, बेटे ने धोए पैर, जानें क्या था मामला
15 मई को परमट प्राथमिक विद्यालय में विधायक निधि से तीन स्मार्ट क्लास रूम का शिलान्यास होना था.सपा विधायक अमिताभ वाजपेयी इसका निरीक्षण करने पहुंचे थे. इस दौरान भाजपा के पूर्व प्रत्याशी सुरेश अवस्थी भी समर्थकों के साथ वहां आ गए. दोनों पक्षों में जमकर नोकझोंक और नारेबाजी हुई. ऐसे में सपा विधायक की भीष्म प्रतिज्ञा ली थी कि जब तक स्कूल का निर्माण कार्य शुरू नहीं होगा, तब तक वह शरीर के ऊपरी हिस्से पर कपड़े (कुर्ता/शर्ट) और पैरों में चप्पल नहीं पहनेंगे.
आर्यनगर विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक अमिताभ बाजपेई की ‘भीष्म प्रतिज्ञा’ आखिरकार 11 दिन बाद पूरी हो गई. परमट प्राथमिक विद्यालय में स्मार्ट क्लास रूम के शिलान्यास के बाद विधायक की पत्नी ने उन्हें कुर्ता पहनाया और बेटे ने पैर धोकर चप्पल पहनाई. 15 मई को भाजपा नेताओं के विरोध के बाद विधायक ने संकल्प लिया था कि जब तक स्कूल का निर्माण कार्य शुरू नहीं होगा, तब तक वह शरीर के ऊपरी हिस्से पर कपड़े (कुर्ता/शर्ट) और पैरों में चप्पल नहीं पहनेंगे.
शिलान्यास के लिए 500 मीटर नंगे पैर किया सफर
सत्याग्रह के समापन पर सपा विधायक अमिताभ बाजपेई सिर पर शिलान्यास का शिलापट (पत्थर) रखकर आनंदेश्वर मंदिर से परमट प्राथमिक विद्यालय तक करीब 500 मीटर का सफर नंगे पैर तय कर पहुंचे. इस दौरान रास्ते में समर्थकों ने फूल-मालाओं से उनका जोरदार स्वागत किया. इस यात्रा में उनकी पत्नी वंदना बाजपेई भी उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलीं.
11 दिन बाद पहने कुर्ता-पजामा और चप्पल
प्राथमिक विद्यालय पहुंचने के बाद विधायक ने विधि-विधान से भूमि पूजन और शिलान्यास किया. विधायक निधि से यहां तीन स्मार्ट क्लास रूम बनाए जाएंगे. शिलान्यास संपन्न होने के बाद विधायक के बेटे शिखर बाजपेई ने पिता के पैर धोए और उन्हें जूते पहनाए, जिसके बाद अमिताभ बाजपेई ने कुर्ता धारण किया.
सपा विधायक ने कहा- उनके काम में बेवजह अड़चन डाली गई
अमिताभ बाजपेई ने बीजेपी नेताओं और अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अब तक पांच स्कूल, दो इंटर कॉलेज और एक लाइब्रेरी बनवा चुके हैं, लेकिन इस नेक काम में बेवजह अड़चन डाली गई. उन्होंने कहा, “मैंने कभी किसी के काम में बाधा नहीं डाली, चाहे वह गलत ही क्यों न हो. बड़े अधिकारियों ने एक ही जगह की दो-दो एनओसी जारी कर गलत फैसला लिया.”
सपा विधायक ने विरोधियों को कहा-गेट वेल सून
विरोधियों पर तंज कसते हुए विधायक ने कहा कि वह अपने परिवार को राजनीति में घसीटने वालों को माफ करते हैं और ऐसे मानसिक रूप से बीमार लोगों को सिर्फ ‘गेट वेल सून’ कहना चाहते हैं. बता दें कि 15 मई को परमट प्राथमिक विद्यालय में विधायक निधि से तीन स्मार्ट क्लास रूम का शिलान्यास होना था.
क्या था मामला?
इससे पहले 13 मई को जब विधायक मजदूरों के साथ निरीक्षण करने पहुंचे, तो भाजपा के पूर्व प्रत्याशी सुरेश अवस्थी भी समर्थकों के साथ वहां आ गए. दोनों पक्षों में जमकर नोकझोंक और नारेबाजी हुई. विवाद बढ़ने पर विधायक धरने पर बैठ गए थे, जिसके बाद पुलिस उन्हें डीसीपी सेंट्रल कार्यालय ले गई थी. बता दें कि इसी स्कूल में कानपुर सांसद रमेश अवस्थी की निधि से भी बाउंड्रीवाल और एक स्मार्ट क्लास का निर्माण होना प्रस्तावित है.
