‘अलीगंज में सभी बच्चों की जान बचाई जा सकती थी’, योगी सरकार पर बरसे अखिलेश

लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि यदि फायर ब्रिगेड और राहत टीमें समय पर सक्रिय हो जातीं, तो कई जानें बचाई जा सकती थीं. अखिलेश ने राहत कार्यों में देरी और सिस्टम की लापरवाही को हादसे का कारण बताया.

अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस Image Credit:

लखनऊ के अलीगंज में एक बिल्डिंग में लगी आग को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने घटना में हुई मौतों, राहत कार्यों में कथित देरी और अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि अगर समय पर जरूरी कार्रवाई की गई होती, तो कई जानें बचाई जा सकती थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर राहत और बचाव कार्यों में देरी हुई.

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि फायर ब्रिगेड व प्रशासनिक टीमें समय पर सक्रिय नहीं हुईं. उन्होंने कहा, ‘अगर सही समय पर दीवार या बाधा को हटाया गया होता तो जानें बच सकती थीं, लेकिन फायर और संबंधित टीमें समय परनहीं पहुंचीं. सरकार और प्रशासन पूरी तरह लापरवाह नजर आए.’ पूर्व मुख्यमंत्री ने हादसे में बच्चों की मौत को सबसे बड़ा दुख बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं में सरकार की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है.

‘सरकारी नौकरी या एक करोड़ रुपया मुआवजा दें’

अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह नुकसान अपूरणीय है. अखिलेश यादव ने आगे कहा कि कई बार ऐसी घटनाओं के दौरान ‘दिखावटी संवेदना’ देखने को मिलती है, जबकि वास्तविक राहत कार्य और मदद पर ध्यान नहीं दिया जाता. सरकार से मांग करते हुए उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उन्हें या तो सरकारी नौकरी दी जाए या फिर एक करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए.

‘सिस्टम की जवाबदेही तय होनी चाहिए’

अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसे मामलों में केवल जांच ही नहीं, बल्कि ठोस मदद भी जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों और सिस्टम की जवाबदेही तय होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके. इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है, जबकि प्रशासन की ओर से जांच और राहत कार्य की बात कही जा रही है.

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