अखिलेश का PDA 2.0: लाल टोपी के साथ नीला गमछा… मायावती के वोटरों में सेंधमारी की तैयारी

सुल्तानपुर दौरे पर अखिलेश यादव नीला गमछा गले में डाले नजर आए.आज बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर हजरतगंज चौराहा, लखनऊ पहुंचकर उन्होंने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया.इस मौके पर भी अखिलेश यादव लाल टोपी के साथ नीला गमछा पहने हुए थे. सूत्र बताते हैं कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह रंग संयोजन दलित वोटरों को साफ संदेश दे रहा है कि अब सपा ही दलितों का विकल्प है.

अखिलेश यादव Image Credit:

समाजवादी पार्टी ने अम्बेडकर जयंती से ठीक पहले एक नया सियासी संदेश दिया है.लाल टोपी के साथ नीला गमछा अब पार्टी की नई पहचान बन गया है.पार्टी सूत्रों के मुताबिक यह लाल-नीला कॉम्बिनेशन जानबूझकर तैयार किया गया है, ताकि पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक पड़ा वोट बैंक को और मजबूती से एकजुट किया जा सके.

सुल्तानपुर दौरे पर अखिलेश यादव नीला गमछा गले में डाले नजर आए.आज बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर हजरतगंज चौराहा, लखनऊ पहुंचकर उन्होंने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया.इस मौके पर भी अखिलेश यादव लाल टोपी के साथ नीला गमछा पहने हुए थे. उनके साथ अन्य नेता-कार्यकर्ता भी इसी कॉम्बिनेशन को दोहराते दिखे.

पार्टी के होर्डिंग्स, कार्यालय के सभागार, प्रेस कॉन्फ्रेंस के बैकड्रॉप और अब नेता की पोशाक में भी नीला रंग शामिल किया जा रहा है. सूत्र बताते हैं कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह रंग संयोजन दलित वोटरों को साफ संदेश दे रहा है कि अब सपा ही दलितों का विकल्प है.

हम लोग लगातार संघर्ष करते रहेंगे-अखिलेश

अम्बेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि सामाजिक न्याय के राज की स्थापना के लिए हम लोग लगातार संघर्ष करते रहेंगे.भारतीय जनता पार्टी ने कहा था कि संविधान बदल देंगे, लेकिन हम उत्तर प्रदेश की जनता को धन्यवाद देते हैं जिन्होंने संविधान को बचाने के लिए मतदान करके लोकतंत्र को बचाने का काम किया.

अखिलेश ने बीजेपी पर लगाए ये आरोप

उन्होंने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहाकहाकि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमाएं तोड़ी गईं.ये लोग न सिर्फ मूर्ति खंडित करते हैं बल्कि उनका संविधान भी नहीं मानते. शादी कार्यक्रम में घोड़ी नहीं चढ़ने देते, पानी पीने से रोकते हैं. ये लड़ाई लम्बी है, मजबूती से लड़ी जाएगी. अखिलेश यादव ने कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग भी दोहराई.

2024 का सबक और 2027 की रणनीति

2024 लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ दलित मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा जुड़ चुका था.अब पार्टी उस गठजोड़ को और पक्का करने में लगी है.मायावती की बसपा के कई बड़े चेहरे पहले ही सपा में शामिल हो चुके हैं.नीला गमछा इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे बसपा की बची-खुची दलित जमीन पर सेंध लगाने की कोशिश साफ दिख रही है. पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि लाल टोपी यादव-मुस्लिम-बैकवर्ड प्रतीक के साथ नीला गमछा दलित प्रतीक का मेल अब सपा की नई ‘PDA 2.0’ रणनीति है.2027 से पहले यह संदेश पूरे उत्तर प्रदेश में पहुंचाने की तैयारी चल रही है.

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