लखनऊ अग्निकांड मामले में फैसला सुरक्षित, बिल्डिंग मालिक बोला- अवैध हिस्सा खुद गिरा देंगे
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड से जुड़ी बिल्डिंग के ध्वस्तीकरण मामले में LDA कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर आदेश सुरक्षित रख लिया है. अवैध निर्माण पर अगले 1-2 दिन में फैसला आएगा. भवन मालिक ने खुद अवैध हिस्सा गिराने और मानचित्र नियमित करने की पेशकश की. सुनवाई में मूल नक्शा पेश नहीं किया जा सका.
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड से जुड़ी बिल्डिंग के ध्वस्तीकरण नोटिस पर LDA की अदालत में गुरुवार को तीसरे दिन सुनवाई पूरी हो गई. बिल्डिंग मालिक और LDA की ओर से सभी पक्ष रखे जाने के बाद कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है. अब अगले एक-दो दिन में इसपर फैसला आएगा, जिसमें तय होगा कि अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलेगा या नहीं.
सुनवाई के दौरान भवन मालिक की ओर से अधिवक्ताओं ने दलील दी कि यदि भवन का कोई हिस्सा अवैध पाया जाता है तो उसे वे अपने खर्च पर स्वयं गिराने को तैयार हैं. इसके लिए अदालत से एक महीने का समय देने की मांग की गई. साथ ही नई भवन निर्माण नीति और शमन (कम्पाउंडिंग) नीति के तहत मानचित्र नियमित करने का अनुरोध भी किया गया.
नक्शा पेश नहीं किया, बताया आग में जल गया
भवन मालिक के वकीलों ने सुनवाई के दौरान बिल्डिंग का मूल नक्शा नहीं पेश कर सके. उन्होंने कहा कि आग में नक्शा जल गया है. एलडीए चाहे तो अपने रिकॉर्ड में जमा दूसरी प्रति से जांच कर सकता है. वकील ने यह भी तर्क दिया कि नोटिस में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि निर्माण का कौन-सा हिस्सा अवैध है और उसे वैध बनाने के लिए क्या सुधार आवश्यक हैं.
वकील ने यह भी कहा कि भवन में व्यावसायिक गतिविधियां किरायेदारों द्वारा संचालित की जा रही थीं. इसके बाद विहित प्राधिकारी ने एलडीए के जूनियर इंजीनियर ओमपाल सिंह से निर्माण की स्थिति पर जानकारी ली. जेई ने अदालत को बताया कि बेसमेंट सहित केवल दो मंजिल का नक्शा स्वीकृत था, जबकि तीसरी मंजिल पूरी तरह अवैध बनाई गई.
20 की जगह 134 वर्गमीटर में बेसमेंट का निर्माण
जेई ने अदालत को बताया कि इसके अलावा स्वीकृत मानचित्र में 20 वर्गमीटर बेसमेंट की अनुमति थी, लेकिन मौके पर करीब 134 वर्गमीटर बेसमेंट का निर्माण मिला. भवन में निर्धारित सेटबैक भी नहीं छोड़ा गया था. वहीं, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विहित प्राधिकारी अतुल कुमार ने आदेश सुरक्षित रख लिया. इसपर एक दो दिन में फैसला आ सकता है.
अब अदालत के फैसले के बाद ही यह तय होगा कि अवैध निर्माण को नियमित किया जाएगा या उस पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी. अलीगंज स्थित एक एनीमेशन सेंटर की बिल्डिंग में 22 जून को भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई थी. घटना के बाद LDA ने भवन में अवैध निर्माण का संज्ञान लेते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की थी.
