अलीगंज अग्निकांड: 15 लोगों की मौत वाली इमारत पर चलने लगा बुलडोजर

लखनऊ के अलीगंज सेक्टर-डी में 15 लोगों की जान लेने वाले भीषण अग्निकांड के बाद अवैध व्यावसायिक भवन पर एलडीए का बुलडोजर चलना शुरू हो गया है. जांच में भवन को बिना वैध अनुमति के निर्मित पाए जाने पर ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया था. भवन मालिक को 25 जुलाई तक अवैध निर्माण हटाने का समय दिया गया था, लेकिन समयसीमा के बाद एलडीए ने कार्रवाई शुरू कर दी.

बिल्डिंग गिराने के लिए एलडीए बुलडोजर लेकर पहुंच गया Image Credit:

राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित सेक्टर-डी में हुए भीषण अग्निकांड के बाद चर्चा में आई अवैध व्यावसायिक इमारत पर अब बुलडोजर चलना शुरू हो गया है. इसी बिल्डिंग में लगी आग में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी. हादसे के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने भवन को अवैध घोषित करते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था. शुरुआत में बिल्डर ने बिल्डिंग के अवैध निर्माण को हटाने की कवायद की, लेकिन बाद में एलडीए बुलडोजर लेकर पहुंच गया.

एलडीए अधिकारियों के अनुसार, अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित भूखंड संख्या एमएस-102 पर वीरेन्द्र शुक्ला, सुरेन्द्र शुक्ला और अन्य लोगों द्वारा बिना वैध अनुमति के व्यावसायिक भवन का निर्माण कराया गया था. इस भवन में हाल ही में भीषण अग्निकांड हुआ था, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई थी. हादसे के बाद भवन की वैधता और सुरक्षा मानकों की जांच की गई, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. इस वजह से आज बुलडोजर से बिल्डिंग गिराई जा रही है.

एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि 23 जून 2026 को उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम की धारा 27(1) के तहत भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर निर्माण की वैधता से जुड़े दस्तावेज 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे. इसके बाद 7 जुलाई को मामले की पहली सुनवाई हुई. भवन स्वामियों की ओर से आपत्ति दाखिल की गई, जिस पर प्रवर्तन जोन-4 ने जवाब प्रस्तुत किया.

25 जुलाई तक दिया गया था समय

सभी तथ्यों और अभिलेखों की समीक्षा के बाद 10 जुलाई को विहित प्राधिकारी ने पूरे व्यावसायिक निर्माण को अवैध घोषित करते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश पारित कर दिया. ध्वस्तीकरण आदेश में भवन स्वामियों को स्वयं अवैध निर्माण हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था, जिसकी समय सीमा 25 जुलाई तक थी. हालांकि समय सीमा समाप्त होने से पहले ही सोमवार को भवन मालिकों ने खुद अवैध हिस्से को तोड़ने का काम शुरू कर दिया था.

इस दौरान बिल्डिंग मालिक ने अपना सामान हटाने के साथ कुछ जगहों पर ड्रिलिंग की कार्रवाई शुरू की थी. समयसीमा पूरी होने के बाद भी अवैध निर्माण न गिराए जाने के कारण एलडीए एक्शन में आया और आज बुलडोजर लेकर पहुंच गया. मौके पर एलडीए के शीर्ष अधिकारी मौजूद हैं और बिल्डिंग को गिराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

अग्निकांड के बाद तेज हुई कार्रवाई

अलीगंज अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर में व्यावसायिक भवनों, होटल, रेस्टोरेंट, कोचिंग संस्थानों और अन्य सार्वजनिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के निर्देश दिए थे. इसी क्रम में एलडीए ने लखनऊ में अवैध व्यावसायिक भवनों के खिलाफ अभियान तेज किया है. अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अवैध निर्माण, अग्नि सुरक्षा मानकों और भवन स्वीकृति से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. अलीगंज की यह कार्रवाई उसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है.

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