राम मंदिर में चढ़ावा घोटाले पर HC में सुनवाई, न्यायिक आयोग की मांग पर भी होगी बहस
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा घोटाले और अनियमितताओं के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज अहम सुनवाई होने वाली है. लाखों सनातनियों की आस्था से जुड़े इस मुद्दे पर दाखिल जनहित याचिकाओं पर बहस होगी. इसमें न्यायिक आयोग के गठन और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई है. उधर, एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट भी जल्द सीएम योगी को सौंपने की तैयारी है. जिसके बाद बड़ी कार्रवाई संभव है.
लाखों करोड़ों सनातनियों की आस्था का केंद्र अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा घोटाले का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है. इस चढ़ावा चोरी और अनियमितताओं को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर आज बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में बड़ी सुनवाई होनी है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में दाखिल इस पीआईएल के अलावा मामले की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित करने की मांग पर भी बहस होने की संभावना है. मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति पंकज भाटिया और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की ग्रीष्मकालीन अवकाश खंडपीठ में होगी.
हाईकोर्ट की बुधवार की वाद सूची में यह जनहित याचिका पीआईएल संख्या-323 के रूप में सूचीबद्ध है. याचिका में राम मंदिर के चढ़ावे की सुरक्षा, प्रबंधन और कथित चोरी की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग उठाई गई है. इसी बीच मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक आयोग के गठन की मांग को लेकर भी एक नई जनहित याचिका दाखिल हो गई है. यह याचिका 20 जून को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में पेश हुई थी. इसमें याचिकाकर्ता ने मामले की जांच न्यायिक आयोग की निगरानी में कराने और तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की है.
दोनों पीआईएल पर होगी बहस
दूसरी पीआईएल क्रमांक-507 पर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है. संभावना है कि अदालत दोनों याचिकाओं को गंभीरता से लेते हुए ना केवल महत्वपूर्ण टिप्पणियां कर सकती है, बल्कि इस संबंध में रराज्य सरकार तथा संबंधित पक्षों से जवाब तलब भी कर सकती है. बता दें कि इस समय राम मंदिर के चढ़ावा चोरी को लेकर कई तरह के आरोप सामने आए हैं. एसआईटी जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद यह मामला प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है. ऐसे में अब सबकी नजरें हाईकोर्ट में सुनवाई पर टिकीं हैं.
सीएम योगी के सामने रखी जाएगी रिपोर्ट
सूत्रों के मुताबिक राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच के लिए गठित एसआईटी ने अपनी जांच पूरी कर ली है. यही नहीं, इस जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट एसीएस गृह को सौंप भी दी है. माना जा रहा है कि जल्द ही यह रिपोर्ट सीएम योगी के सामने रखी जाएगी. उम्मीद है कि एसआईटी अपनी पूरी रिपोर्ट जल्द ही सरकार के सामने पेश कर देगी. इसके बाद सरकार रिपोर्ट के आधार पर कोई बड़ी कार्रवाई कर सकती है.