40 हजार पन्नों में चढ़ावा चोरी की पूरी जांच! राम मंदिर केस में सभी 8 आरोपियों पर चार्जशीट
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने सभी 8 आरोपियों के खिलाफ 40,000 पेज का आरोप पत्र दाखिल कर दिया है. इससे अब आरोपियों को डिफॉल्ट बेल मिलने की संभावना समाप्त हो गई है. कई आरोपियों की जमानत अर्जी पहले ही निरस्त हो चुकी है.
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने बुधवार को सभी 8 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी है. चार्जशीट दाखिल करने से अब आरोपियों के डिफॉल्ट बेल पाने की संभावना खत्म हो गई है. इससे पहले बीते करीब तीन महीने से जेल में निरुद्ध तीन और आरोपितों के बाहर आने पर कोर्ट ने विराम लगा दिया था.
कोर्ट में दायर यह चार्जशीट बेहद विस्तृत है, जो लगभग 40,000 पन्नों में तैयार की गई है. इनमें जेल में बंद टिन्नू यादव, करुणेश, मनीष, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, रमाशंकर, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ल और लवकुश मिश्र के खिलाफ आरोपों का जिक्र किया गया है. वहीं, चार्जशीट दायर होने का सूचना के बाद वकीलों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है.
8 में से 6 आरोपियों की जमानत पहले ही निरस्त
चढ़ावा चोरी मामले में जेल में बंद कई आरोपियों की जमानत अर्जी पहले ही निरस्त हो चुकी है. अनुकल्प मिश्र, करुणेश पांडेय और लवकुश मिश्र की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम रजत वर्मा ने निरस्त कर दी थी. इसी मामले में बीते सोमवार को अविनाश शुक्ल, रमाशंकर मिश्र और मनीष यादव की भी जमानत खारिज कर दिया था.
वहीं, इसके बाद शेष बचे दो अन्य आरोपितों रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू व सुभाषचंद्र श्रीवास्तव की जमानत अर्जी पर सुनवाई होनी है, जो इस मामले में न्याय प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी. अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि चार्जशीट में ट्रस्ट के अधिकारियों और बैंक कर्मचारियों की भूमिका के बारे में क्या तथ्य दर्ज किए गए हैं?
चार्जशीट के बाद वकीलों ने शुरू किया कार्य बहिष्कार
वहीं, चार्जशीट दायर होने का सूचना के बाद वकीलों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है. इसके चलते अदालत परिसर में भी माहौल गरमाया रहा. वकीलों का कहना है कि कोर्ट को पहले आपत्ति सुनी जानी चाहिए थी. क्योंकि अयोध्या बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपतराय, पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्र समेत अन्य के खिलाफ तहरीर दी थी.
बता दें कि अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का सबसे पहले जून के पहले सप्ताह में सामने आया था. इसके बाद मामले में 25 जून को राम जन्मभूमि थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी. जेल में बंद सभी 8 आरोपी दानपात्रों की देखरेख और कैश की गिनती से जुड़े हुए थे. इनके खिलाफ Criminal Breach of Trust जैसे गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है.