कैसे हुई चढ़ावा चोरी? चंपत राय और अनिल मिश्रा देंगे जवाब, पुलिस ने पूछे ये सवाल
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला अब सिर्फ गबन तक सीमित नहीं. पुलिस ने दान व्यवस्था की गहन जांच शुरू की है. ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्र से कर्मचारियों की नियुक्ति व निगरानी पर सवाल पूछे गए हैं. मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला से भी पूछताछ हुई. ट्रस्ट भी अपनी आंतरिक प्रणालियों की समीक्षा कर रहा है ताकि दान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके.
अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला अब सिर्फ चोरी और गबन तक ही सीमित नहीं रहा. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दान की पूरी व्यवस्था कैसे संचालित होती थी. कर्मचारियों की जिम्मेदारियां किसने तय की थीं और निगरानी तंत्र में आखिर चूक कहां हुई. इसी कड़ी में जांच एजेंसी ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र से गिरफ्तार कर्मचारियों की नियुक्ति, उनके कार्यों और निगरानी व्यवस्था से जुड़े सवालों की लंबी लिस्ट थमा दी है. इनसे सभी सवालों का जवाब डिटेल में देने को कहा है.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस जानकारी के आधार पर तय हो सकेगा कि नकदी प्रबंधन की प्रक्रिया में किस स्तर पर जिम्मेदारी तय होती थी और किस अधिकारी या कर्मचारी की क्या भूमिका थी. जांच एजेंसियों का मानना है कि इससे पूरे मामले की परतें खोलने और जवाबदेही तय करने में मदद मिलेगी. अब तक इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है. हालांकि जांच अभी जारी है. इसी क्रम में एक अन्य संदिग्ध की भूमिका भी सामने आई है. पुलिस पर्याप्त साक्ष्य जुटाने में लगी है. उम्मीद है कि जल्द गिरफ्तारी होगी.
अविनाश शुक्ला से हुई पूछताछ
पुलिस ने इसी बीच अदालत की अनुमति पर जेल में मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला से पूछताछ की. अधिकारियों ने उससे दान पात्र खोलने, नकदी की गिनती, रिकॉर्ड तैयार करने और रकम बैंक तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया के बारे में डिटेल में सवाल पूछा और इन सवालों को रिकॉर्ड में लिया. बाद में इन सवालों के जवाब का मिलान चंपत राय और अनिल मिश्रा के जवाबों से किया जाएगा. जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि निजी एजेंसी और अन्य कर्मचारियों की जिम्मेदारी क्या थी और कहीं किसी स्तर पर मिलीभगत तो नहीं हुई.
ट्रस्ट में भी होगी भूमिका की समीक्षा
मामले में पुलिस की जांच के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट भी अपनी आंतरिक व्यवस्थाओं की समीक्षा में जुट गया है. सूत्रों के मुताबिक, नकदी से जुड़े कार्यों में लगे अनौपचारिक कर्मचारियों को हटाकर अन्य जिम्मेदारियां देने पर विचार किया जा रहा है. साथ ही दान प्रबंधन प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने के लिए नई व्यवस्था तैयार की जा रही है. जांच एजेंसियों का कहना है कि आगे की कार्रवाई पूरी तरह साक्ष्यों पर आधारित होगी.