भरी पंचायत में बरसाई थी गोलियां, ग्रेटर नोएडा डबल मर्डर केस में 5 सगे भाइयों समेत 9 को उम्रकैद

ग्रेटर नोएडा के गिरधरपुर गांव में 2021 के चर्चित दोहरे हत्याकांड में 9 दोषियों को उम्रकैद हुई है. जमीनी विवाद सुलझाने के लिए बुलाई गई पंचायत में गोलीबारी हुई थी, जिसमें दो लोगों की मौत हुई थी. अदालत ने पांच सगे भाइयों समेत 9 लोगों को दोषी करार दिया और प्रत्येक पर 86 हजार का अर्थदंड भी लगाया. इस मामले के मुख्य गवाह प्रेम सिंह की बाद में हत्या कर दी गई थी.

सांकेतिक तस्वीर

राष्ट्रीय राजधानी से सटे उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में बादलपुर क्षेत्र के गिरधरपुर गांव में वर्ष 2021 में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड में 9 दोषियों को उम्र कैद की सजा हुई है. मामले की सुनवाई जिला अदालत में अपर सत्र न्यायाधीश सेकंड की कोर्ट में हुई. इसमें कोर्ट ने दोनों पक्षों की लंबी और गर्मागर्म बहस सुनने के बाद अपना फैसला दिया है. इस वारदात में भरी पंचायत में गोली मारकर दो लोगों की हत्या हुई थी. वहीं एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ था. इस मामले में पांच सगे भाइयों समेत 9 लोगों को आरोपी बनाया गया था. इन सभी को अदालत ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है.

अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 86-86 हजार का अर्थ दंड भी लगाया है. जुर्माना जमा नहीं करने पर अतिरिक्त कारवास भुगताना होगा. जानकारी के मुताबिक मामला 8 फरवरी 2021 का है. केस डायरी के मुताबिक गिरधरपुर गांव में जमीन कब्ज़े को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. विवाद सुलझाने के लिए गांव में पंचायत बुलाई गई थी. पंचायत शुरू होते ही माहौल बिगड़ गया. एक पक्ष ने पहले गाली गलौज की और फिर लाइसेंसी तथा अन्य हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. इस घटना में गोली लगने से अमित और सुरेश गंभीर रूप से घायल हो गए. जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी. जबकि प्रेम सिंह भी गोली लगने से जख्मी हो गए थे.

प्रेम की गवाही सबसे अहम

अस्पताल में प्रेम सिंह का लंबे समय तक इलाज चला और बाद में वह इस पूरे मामले के सबसे महत्वपूर्ण गवाह बने. पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों देवेंद्र, रविंद्र, सत्येंद्र, धर्मेंद्र, जितेंद्र, भोपाल, महिपाल, अमरजीत और अमित बंसल सहित अन्य के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, दंगा और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था. इसके बाद पुलिस ने घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साथियों की अदालत में पेश किया. सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों का गहन परीक्षण किया. मामले के सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एक अन्य आरोपी को भी अदालत में तलब कर मुकदमे में शामिल किया.

मुख्य गवाह की भी हुई हत्या

बचाव पक्ष ने अदालत से नरमी बरतने की अपील करते हुए कहा कि पांच आरोपी सगे भाई हैं. परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं पर है. कुछ आरोपियों के छोटे-छोटे बच्चे हैं. किसी का आपराधिक इतिहास नहीं है. हालांकि अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए इन सभी दलीलों को खारिज करते हुए सजा बरकरार रखी. इस मामले में सबसे अहम प्रत्यक्षदर्शी गवाह प्रेम सिंह था. इलाज के बाद उसने अदालत में महत्वपूर्ण दवाई दी थी. शुरुआती महीना में उसे पुलिस सुरक्षा भी मिली थी, लेकिन सुरक्षा हटाने के बाद 16 दिसंबर 2021 को खेत से घर लौटते वक्त बाइक सवार बदमाशों ने उसे भी गोलियों से भून डाला था. इस मामले में आरोपियों के खिलाफ अलग से मुकदमा दर्ज किया गया था.

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