यूपी के 50 हजार शिक्षकों की नौकरी पर था ‘संकट’, अब मिली बड़ी राहत, दे सकेंगे TET-2026 का एग्जाम
प्रदेश में 1.86 लाख ऐसे शिक्षक भी हैं, जो अभी तक टीईटी पास नहीं कर पाए हैं. सितंबर 2027 तक टीईटी पास न करने पर इनकी नौकरी छिन सकती है. इनमें से 50 हजार सहायक अध्यापक हैं, जिनके पास एग्जाम में बैठने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता नहीं थी. अब आयोग ने टीईटी के नोटिफिकेशन और गाइडलाइंस में तीन बड़े संशोधन कर दिए हैं. ऐसे में अब ये सहायक अध्यापक भी टीईटी-2026 का एग्जाम दे सकेंगे.
उत्तर प्रदेश के 50 हजार सहायक अध्यापकों को बड़ी राहत मिली है. अब वे भी यूपी टीईटी-2026 परीक्षा में शामिल हो सकेंगे. मंगलवार यानी 25 मार्च को को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग UPESSC ने टीईटी के नोटिफिकेशन और गाइडलाइंस में तीन बड़े संशोधन कर दिए. इन बदलावों से उन शिक्षकों का रास्ता साफ हो गया है, जिनके पास टीईटी में बैठने की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता नहीं थी. चार साल बाद होने वाली इस परीक्षा में 15 से 20 लाख अभ्यर्थी शामिल होने का अनुमान है.
आयोग ने 20 मार्च को ही टीईटी-2026 का कार्यक्रम घोषित किया था. फिलहाल, प्रदेश के 1.86 लाख ऐसे शिक्षक भी हैं, जो अभी तक टीईटी पास नहीं कर पाए हैं. सितंबर 2027 तक टीईटी पास न करने पर इनकी नौकरी छिन सकती है. इनमें से 50 हजार सहायक अध्यापक ऐसे थे जिनके पास एग्जाम में बैठने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता नहीं थी. अब आयोग का नया फैसला इन शिक्षकों के लिए ‘जान बचाने वाला’ साबित हुआ है.
सभी शिक्षक टीईटी परीक्षा के लिए पात्र
अब सभी शिक्षक टीईटी परीक्षा के लिए पात्र कर दिए गए हैं. सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के फैसले के बाद आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता में बदलाव किया गया है. पहले केवल ग्रेजुएशन और बीटीसी पास अभ्यर्थी ही टीईटी दे सकते थे. अब 50 हजार ऐसे सहायक अध्यापक भी परीक्षा दे सकेंगे, जिनके पास यह योग्यता नहीं थी. ये सभी शिक्षक पहले ही स्पेशल बीटीसी का छह महीने का प्रशिक्षण ले चुके हैं और प्रमाण-पत्र भी उनके पास है.
इनमें शामिल हैं:
- 1998 से पहले इंटरमीडिएट और दो वर्षीय बीटीसी पर भर्ती हुए शिक्षक
- बिना ग्रेजुएशन-बीटीसी के ट्रेंड ग्रेड से सहायक अध्यापक बने अध्यापक
- 1999 से 2004 के बीच बीपीएड से नौकरी पाने वाले सहायक अध्यापक
ये छात्र भी दे सकेंगे परीक्षा
सुप्रीम कोर्ट और एनसीटीई के 4 अगस्त 2022 के स्पष्टीकरण के अनुसार केवल B.Ed. या D.El.Ed अंतिम वर्ष में पढ़ रहे या परीक्षा दे चुके छात्र ही पात्र थे. अब आयोग ने संशोधन कर दिया है कि बीएड या टीचर्स ट्रेनिंग कोर्स TTC में अध्ययनरत छात्र भी आवेदन कर सकेंगे. हालांकि, बीएड वाले अभ्यर्थी केवल उच्च प्राथमिक स्तर कक्षा 6 से 8 की टीईटी परीक्षा ही दे सकेंगे. प्राथमिक स्तर कक्षा 1 से 5 के लिए वे अब पात्र नहीं रहेंगे.
हटाया गया 6 महीने का ब्रिज कोर्स
पुराने विज्ञापन में बीएड वालों को प्राथमिक शिक्षक Paper-1 के लिए सशर्त अनुमति थी, जिसमें नियुक्ति के बाद दो साल में 6 महीने का ब्रिज कोर्स अनिवार्य था. अब आयोग ने इस ब्रिज को पूरी तरह हटा दिया है. आयोग का यह फैसला तकरीबन प्रदेश के 50 हजार सहायकों के लिए खुशखबरी लेकर आया है.