‘कांग्रेस गिरगिट की तरह रंग बदलती है’, महिला आरक्षण बिल पर बोलीं मायावती; सपा को भी लताड़ा

मायावती ने महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस और सपा पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कांग्रेस को गिरगिट की तरह रंग बदलने वाली पार्टी करार दिया है. साथ ही सपा को भी छलावे और दोहरे चरित्र वाली पार्टी बताया है.

बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती (फाइल फोटो) Image Credit: PTI

संसद के विशेष सत्र के पहले दिन गुरुवार यानी 16 अप्रैल को केंद्र सरकार की तरफ से महिला कानून से जुड़े 3 संशोधन विधेयक पेश किया गया. इन प्रस्तावों के तहत 2029 से लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने की व्यवस्था. अब मायावती ने महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस और सपा पर तीखा हमला बोला है. मायावती ने कांग्रेस गिरगिट की तरह रंग बदलने वाली पार्टी करार दिया है.

सत्ता में रहने के दौरान सपा-कांग्रेस का था अलग रवैया-मायावती

मायावती ने X पर ट्वीट करते हुए कहा कि ‘सत्ता में रहने के दौरान कांग्रेस ने कभी भी क्षेत्र में आरक्षण कोटे को पूरा कराने की कभी पहल नहीं की. इसी तरह सपा सरकार भी जब सत्ता में नहीं है तो अलग रवैया अपना रही है. जब सरकार में होती है तो अलग संकीर्ण जातिवादी और तिरस्कारी रवैया अपनाती है. ऐसे छलावे और दोहरे चरित्र वाली पार्टियों से हमेशा सावधान रहना होगा, तभी कुछ बेहतर संभव हो पाएगा.’

मायावती ने सपा-कांग्रेस पर लगाए ये आरोप

मायावती ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि ‘ओबीसी समाज के लिए भी मंडल कमीशन की रिपोर्ट के हिसाब से उन्हें सरकारी नौकरी व शिक्षा के क्षेत्र में 27 प्रतिशत आरक्षण को भी लागू नहीं किया. फिर बीएसपी के अथक प्रयासों के बाद वीपी सिंह की सरकार में इसे लागू किया गया. इसे हर कोई जानता है.’ उन्होंने आगे कहा कि ‘इसी प्रकार, यूपी में पिछड़े मुस्लिमों को OBC का लाभ देने के लिए, पिछड़ा वर्ग आयोग की जुलाई 1994 में ही आई रिपोर्ट को भी सपा सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दिया था और इसे लागू नहीं किया.’

मुस्लिमों को OBC का लाभ देने का बीएसपी ने किया-मायावती

मायावती ने कहा ‘जब 3 जून 1995 में बसपा की पहली बार सरकार आई तो पिछड़े मुस्लिमों को OBC का लाभ देने संबंधित कानून को हमने तुरंत प्रदेश में लागू किया. अब यही सपा अपना रंग बदलकर अपने राजनैतिक स्वार्थ में इनकी महिलाओं को अलग से आरक्षण देने की बात कर रही है. फिलहाल, देश में SC, ST और OBC एवं मुस्लिम समाज के वास्तविक हित, कल्याण और उनके भविष्य संवारने जैसे किसी भी मामले में कोई भी पार्टी गंभीर नहीं रही है.’

‘महिला आरक्षण को फिलहाल स्वीकार लेना चाहिए’

महिला आरक्षण कानून को साल 2011 के जनगणना के आधार पर परिसीमन करने के मुद्दे पर मायावती ने कहा कि ‘यदि इसे जिन भी कारण से जल्दी लागू करना है तो इसी जनगणना के आधार पर करना होगा. अगर इस वक्त कांग्रेस सत्ता में होती तो वह भी बीजेपी जैसा ही कदम उठाती. इस देश में SC, ST व OBC एवं मुस्लिम समाज के कभी कोई पार्टी गंभीर नहीं है. ऐसे में महिला आरक्षण के मामले में इन वर्गों को अभी जो कुछ भी मिलने वाला है तो उसे इनको फिलहाल स्वीकार कर लेना चाहिए.’

मायावती ने आगे अपने ट्वीट में कहा कि ‘इस मामले में आगे अच्छा वक्त आने पर इनके हितों का सही से पूरा ध्यान रखा जायेगा. इन्हें किसी के भी बहकावे में नहीं आना है. इनको खुद अपने पैरों पर खड़े होकर अपने समाज को आत्मनिर्भर एवं मजबूत बनाना है. हमारी इसलिए सलाह है महिला आरक्षण के मामले में अभी जो मिल रहा है, उसे स्वीकार कर लेना चाहिए.’

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