आपके कितने पति हैं? जनगणना में पूछे जा रहे ऐसे सवाल, सुनकर घूम जाएगा माथा

भारत में नई जनगणना के दौरान कई अजीब सवाल पूछे जा रहे हैं, जैसे 'आपके कितने पति हैं?' या 'कितनी पत्नियां हैं?' इससे परिवार की संरचना तय होगी. इस जनगणना फार्म के मुताबिक परिवार का मुखिया कोई भी हो सकता है. इसके लिए लिंग या उम्र की बाध्यता नहीं है. नौकर या साथ रहने वाले दोस्त भी अब परिवार का हिस्सा माने जाएंगे.

सांकेतिक तस्वीर Image Credit:

देश में नई जनगणना शुरू हो गई है. इस जनगणना में लोगों से कुल 34 सवाल पूछे जा रहे हैं. इन सवालों का एक फॉर्म तैयार किया गया है. इन सभी सवालों के जवाब में इसमें भरने हैं. इस जनगणना फार्म में पारिवारिक संरचना को लेकर कुछ ऐसे भी सवाल हैं, जिन्हें पढ़ने या सुनने के बाद आप चकरा जाएंगे. इसमें सबसे चर्चित सवाल है कि आपकी पत्नी कितनी हैं? या आपके पति कितने हैं?

जनगणना में इसी सवाल के जवाब के आधार पर परिवार की गणना होगी. यानी माना जाएगा कि परिवार सिंगल या डबल फैमिली है. जनगणना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की दो पत्नियां हैं तो उसे डबल फैमिली यानी दो दंपति माना गया है. वहीं यदि किसी महिला के दो पति होंगे तो उसे सिंगल फैमिली कहा जाएगा. ये सवाल बहुपत्नी प्रथा वाले क्षेत्रों और आधुनिक परिवार संरचनाओं दोनों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं.

कोई भी हो सकता मुखिया

इस जनगणना फार्म के मुताबिक परिवार का मुखिया कोई भी हो सकता है. इसमें उम्र या लिंग की कोई बाध्यता नहीं है. फॉर्म में परिवार के मुखिया (Head of Household) के नाम को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है. परिवार के सदस्य जिसे मुखिया चुनेंगे, उसी का नाम इस फार्म में भरा जाएगा. दादा-दादी, पिता-माता या बेटा-बहू में से कोई भी मुखिया हो सकता है. फील्ड ट्रेनर श्रवण जायसवाल के मुताबिक परिवार में चाहे जितने पुरुष या बुजुर्ग हों, अगर परिवार की बहू, दादी, बेटी या कोई महिला मुखिया मानी जाती है तो उसी का नाम भरा जाएगा.

नौकर भी परिवार का सदस्य

इस जनगणना फार्म के मुताबिक यदि नौकर परिवार के साथ रहता है और उसी रसोई में भोजन करता है तो उसे भी इसी परिवार का हिस्सा माना जाएगा. इसी प्रकार यदि चार दोस्त एक साथ कमरे में रह रहे हैं और एक साथ भोजन करते हैं तो उन्हें भी एक परिवार माना जाएगा. इनमें से कोई भी एक दोस्त इस परिवार का मुखिया बन सकता है. इसी क्रम में जनगणना फार्म में घर को परिभाषित किया गया है. मतलब यदि सोने के लिए कमरा है तो घर है. बरामदा, गैलरी या छज्जे को न कमरा माना गया है और न ही घर. यहां तक कि दुकान में सोने पर भी उसे घर नहीं माना गया है.

खुद भी भर सकते हैं फार्म

जनगणना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक जनगणना फॉर्म पहले से ही परीक्षण (प्री-टेस्ट) के बाद तैयार किया गया है. इस फार्म को लेकर जनगणनाकर्मी घर-घर तो जा ही रहे हैं, आप चाहें तो खुद भी ऑनलाइन भर सकते हैं. इसके लिए भारत सरकार ने वेबसाइट पर se.census.gov.in पर यह सुविधा दी है. इस वेबसाइट पर सभी जानकारियां भरने के बाद फील्ड टीम मौके पर जाकर सत्यापन करेगी.

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