लखनऊ में वकीलों पर लाठीचार्ज का मामला गरमाया, 3 दिन की हड़ताल का ऐलान; बार ने 20 को बुलाई बैठक
लखनऊ में सिविल कोर्ट परिसर में अवैध चैंबरों पर अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान वकीलों पर लाठीचार्ज का मुद्दा गरमा गया है. सेंट्रल बार एसोसिएशन ने इसके विरोध में तीन दिवसीय हड़ताल की घोषणा की है. वहीं, अधिवक्ताओं ने इसकी निंदा करते हुए ठाकुरगंज इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की मांग की.
लखनऊ के कैसरबाग स्थित सिविल कोर्ट परिसर में रविवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान चालाया गया. नगर निगम 200 से अधिक अवैध चेंबरों को ध्वस्त करने पहुंची, तो वकीलों ने इसका कड़ा विरोध किया. स्थिति तब बिगड़ गई जब वकीलों ने बुलडोजर के सामने खड़े होकर प्रदर्शन किया. इसके बाद पुलिसकर्मियों ने वकीलों पर लाठीचार्ज कर दिया.
नगर निगम ने 12 मई को ही सभी अवैध निर्माणों पर लाल निशान (Cross Mark) लगाकर 16 मई तक का समय दिया था. यह कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच द्वारा अनुराधा सिंह की याचिका पर की गई. वहीं, अब वकीलों पर हुए लाठीचार्ज के बाद सेंट्रल बार एसोसिएशन ने इसके विरोध में तीन दिवसीय हड़ताल की घोषणा कर दी है.
सेन्ट्रल बार एसोसिएशन ने किए गए दो प्रस्ताव पास
वकीलों पर हुए लाठीचार्ज के बाद सेन्ट्रल बार एसोसिएशन लखनऊ ने एक बैठक बुलाई. बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल और महामंत्री अवनीश दीक्षित की मौजूदगी में बैठक में दो प्रस्ताव पास किए गए. पहला प्रस्ताव- अधिवक्ताओं पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज के विरोध में लखनऊ न्यायालय के समस्त वकील 18-20 मई तक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे.
वहीं, दूसरा प्रस्ताव- हाईकोर्ट में लम्बित याचिका में पक्षकार बनने के लिए सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल और महामंत्री अवनीश दीक्षित को अधिकृत किया गया. अब ये दोनों लखनऊ बैंच के समक्ष वकालतनामा दाखिल कर वकीलों का पक्ष रखेंगे. इसके अलावा, सेन्ट्रल बार एसोसिएशन लखनऊ ने 20 मई को बड़ी बैठक बुलाई है.
वकीलों ने ठाकुरगंज इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की मांग की
वहीं, वकीलों का कहना है कि प्रशासन ने बिना उचित समय दिए और उन्हें बैठने का कोई दूसरा विकल्प दिए बिना ही यह कार्रवाई किया है. इस पूरे इलाके को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए 17 मई की तारीख चुनी गई थी, क्योंकि उस दिन कोर्ट की छुट्टी रहती है और भीड़ कम होती है. साथ ही लाठीचार्ज के लिए ठाकुरगंज इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की मांग की है.
