चारबाग में ‘जेबकतरा गैंग’ का बड़ा खुलासा, 5 गिरफ्तार… दिल्ली-महाराष्ट्र तक फैला नेटवर्क

लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन के आसपास यात्रियों को निशाना बनाने वाले अंतरराज्यीय चोर-जेबकतरा गिरोह का SOG क्राइम ब्रांच और मड़ियांव पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर 1.24 लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी बरामद की है. आरोपी प्लेटफॉर्म टिकट लेकर स्टेशन में दाखिल होते और भीड़भाड़ में यात्रियों की जेब व सामान पर हाथ साफ करते थे. ट्रेन के जनरल डिब्बों, ऑटो और ई-रिक्शा में सहयात्री बनकर भी वारदात की जाती थी.

SOG ने गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है Image Credit:

लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन के आसपास यात्रियों को निशाना बनाने वाले अंतरराज्यीय चोर-जेबकतरा गिरोह का क्राइम ब्रांच SOG ने खुलासा किया है. SOG ने गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 24 हजार 700 रुपये कैश और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी बरामद की गई है. पुलिस के मुताबिक इस गिरोह का नेटवर्क यूपी से लेकर दिल्ली और महाराष्ट्र तक फैला हुआ था.

आरोपी दिन के वक्त भीड़भाड़ वाली जगहों और ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाते थे. चारबाग रेलवे स्टेशन… यात्रियों की भारी भीड़ और इसी भीड़ के बीच सक्रिय था एक शातिर चोर-जेबकतरा गिरोह. पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य प्लेटफॉर्म टिकट लेकर रेलवे स्टेशन में दाखिल होते थे. इसके बाद यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखते और मौका मिलते ही उनका सामान और जेब साफ कर देते. ट्रेनों के जनरल डिब्बे इनके लिए सबसे आसान टारगेट थे.

ट्रेन में सहयात्री बनकर बैठते थे

गिरोह का तरीका भी बेहद शातिर था. आरोपी ट्रेन में सहयात्री बनकर बैठते थे. भीड़ का फायदा उठाते और जैसे ही किसी यात्री का ध्यान भटकता, उसी वक्त जेब पर हाथ साफ कर देते. सिर्फ ट्रेन ही नहीं… ऑटो और ई-रिक्शा में सफर करने वाले यात्रियों को भी ये लोग अपना निशाना बनाते थे. गिरोह के कुछ सदस्य यात्री का ध्यान भटकाते और दूसरा सदस्य मौका देखकर चोरी कर लेता था.

5 आरोपी गिरफ्तार

मुखबिर से मिली सूचना के बाद SOG टीम ने चारबाग रेलवे स्टेशन के आसपास घेराबंदी की. इसके बाद 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 24 हजार 700 रुपये नकद बरामद हुए हैं. साथ ही वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली स्कूटी UP32 JV 8656 भी पुलिस ने बरामद की है. पुलिस के मुताबिक, बरामद रकम सैरपुर, दुबग्गा और जानकीपुरम थाना क्षेत्रों में दर्ज चोरी के मामलों से जुड़ी हुई है.

शहर बदलता था गिरोह

जांच आगे बढ़ी तो इस गिरोह के तार सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं मिले. पुलिस के मुताबिक, आरोपी अलग-अलग राज्यों के रहने वाले हैं और संगठित तरीके से शहर बदल-बदलकर वारदात करते थे. मुंबई, नासिक और अहमदनगर के साथ-साथ दिल्ली में भी गिरोह के आपराधिक नेटवर्क का पता चला है. यानी एक शहर में पुलिस का दबाव बढ़ता तो ये गैंग अपना ठिकाना बदलकर दूसरे शहर में पहुंच जाता था.

20 लाख रुपये तक जुटाए

पुलिस के मुताबिक चोरी और जेबकटी इनके लिए सिर्फ छोटी-मोटी वारदात नहीं थी. आरोप है कि चोरी से होने वाली कमाई लाखों रुपये तक पहुंचती थी. कभी-कभी एक महीने में करीब 20 लाख रुपये तक की रकम जुटाने का दावा भी सामने आया है. पुलिस का कहना है कि आरोपी चोरी की रकम से महंगे मकानों में रहते और हवाई सफर तक करते थे. यानी यात्रियों की जेब से निकलने वाला पैसा इस गिरोह की ऐशो-आराम की जिंदगी का जरिया बना हुआ था.

पुलिस ने चलाया अभियान

लखनऊ पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ये कार्रवाई की गई. ADCP क्राइम किरन यादव के नेतृत्व में SOG टीम और मड़ियांव पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया. पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े दूसरे सदस्यों और अन्य राज्यों में हुई वारदातों की जानकारी जुटा रही है. यात्रियों की भीड़ को अपना हथियार बनाने वाला ये गिरोह अब पुलिस की गिरफ्त में है.

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