बिना चादर के बेड, गंदे शौचालय… चिनहट CHC की बदहाली पर भड़के डिप्टी CM; वेतन काटा, सजा भी दी
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने चिनहट सीएचसी में औचक निरीक्षण किया. वह मास्क लगाए मरीजों के साथ लाइन में खड़े दिए. मरीजों से अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली. इस दौरान वह सफाई, वार्डों की बदहाली देखकर भड़क उठें. अस्पताल परिसर में गंदगी पर उन्होंने वेतन काटने के साथ कड़ी सजा भी दिए.
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सोमवार को लखनऊ स्थित चिनहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में औचक निरीक्षण पर पहुंचे. इस दौरान वह सफाई व्यवस्था, वार्डों की बदहाली और लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई. डिप्टी सीएम ने चेतावनी दी कि जब तक अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होगी, तब तक संबंधित अधिकारी घर नहीं जाएंगे.
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जिम्मेदारों को नोटिस देने और सफाई एजेंसी का एक सप्ताह का भुगतान काटने के निर्देश दिए. इस दौरान जब जनरल वार्ड नंबर 28 पहुंचे तो वहां की स्थिति देखकर भड़क गए. कई बेड पर चादर नहीं थी, साफ-सफाई भी संतोषजनक नहीं थी. उन्होंने फटकार लगाते हुए कहा कि मरीजों की देखभाल में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
एक मरीज का बल्ड सैंपल लेने में कितना समय लगता है?
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक औचक निरीक्षण के दौरान मुंह पर मास्क लगाकर सबसे पहले पर्चा काउंटर पर मरीजों के बीच जाकर कतार में खड़े हो गए. मरीजों से व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली. इसके बाद वह पैथोलॉजी विभाग पहुंचे. यहां मरीजों की लंबी कतार लगी थी. उन्होंने टेक्नीशियन से पूछा कि एक मरीज का रक्त नमूना लेने में कितना समय लगता है?
जवाब मिलने के बाद उन्होंने जांच प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए. ताकि मरीजों को ज्यादा देर तक इंतजार न करना पड़े. निरीक्षण के दौरान एक्स-रे कक्ष के आसपास धूल-गर्दा दिखाई दी. इस पर तुरंत सफाई कराने के निर्देश दिए. उन्होंने वहां रखी अलमारी खोलकर स्टॉक भी जांचा. साथ ही ओपीडी में पहुंचे और डॉक्टर से मरीजों की संख्या के बारे में जानकारी ली.
आशा दीदीयों की समस्या का एक फोन में कराया निदान
डिप्टी सीएम ने निरीक्षण के दौरान शौचालयों की स्थिति भी देखी, जो संतोषजनक नहीं मिली. इस पर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए. हालांकि फायर एस्टिंग्यूसर सिलेंडर की एक्सपायरी डेट जांचने पर वह सही पाई गई. वहीं, पीने के पानी की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली. पानी की पाइप को जाली से बांधकर रखा गया था और आसपास गंदगी थी.
केंद्र के सभागार में उस समय आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा था. आशाओं ने डिप्टी सीएम को बताया कि उनके मोबाइल फोन खराब हैं, जिससे काम में दिक्कत हो रही है. डिप्टी सीएम ने तुरंत सीएमओ डॉ. एनबी सिंह को फोन लगाकर मोबाइल ठीक कराने या बदलने के निर्देश दिए. साथ ही आशा कार्यकर्ताओं का बकाया भुगतान भी तत्काल कराने को कहा.
