ग्रेटर नोएडा: थाने में वकील की पिटाई पर फूटा अधिवक्ताओं का गुस्सा, पुलिसवालों को कोर्ट से बाहर खदेड़ा

ग्रेटर नोएडा के बिसरख कोतवाली में पुलिस वालों पर एक अधिवक्ता को थाने में बंद कर पीटने का आरोप लगा था. अब इस मामले में वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा है. वकीलों ने सूरजपुर स्थित जिला न्यायालय परिसर में जोरदार हंगामा करते हुए पुलिस को परिसर से बाहर खदेड़ दिया.

नोएडा में पुलिसकर्मियों पर फूटा वकीलों का गुस्सा

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की बिसरख थाना पुलिस पर अधिवक्ता के साथ मारपीट के आप को लेकर सूरजपुर स्थित जिला न्यायालय में सोमवार यानी 16 मार्च को वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा. आक्रोशित वकीलों ने न्यायालय परिसर में जोरदार हंगामा करते हुए पुलिस को परिसर से बाहर खदेड़ दिया. उन्हें न्यायालय के अंदर प्रवेश करने से रोक दिया. अधिवक्ताओं ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए हड़ताल पर जाने का फैसला लिया.

बताया जा रहा है कि फेस-2 क्षेत्र निवासी अधिवक्ता फरीद अहमद जो सूरजपुर स्थित जिला न्यायालय में प्रैक्टिस करते हैं शनिवार यानी 14 मार्च की रात अपने घर पर मौजूद थे. इसी दौरान बिसरख कोतवाली में तैनात कुछ पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे. पुलिस को किसी मारपीट के मामले में उनके भाई की तलाश थी. अधिवक्ता का आरोप है कि जब उनका भाई नहीं मिला तो पुलिसकर्मी उन्हें ही जबरन घर से उठाकर थाने ले गए.

रात भर थाने में बंद कर मारपीट करने का आरोप

पीड़ित अधिवक्ता का आरोप है कि उन्हें पूरी रात थाने में बंद रखा गया. इस दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की गई. अधिवक्ता के मुताबिक मारपीट के कारण उनके शरीर पर कई जगह चोट के निशान भी आ गए. सुबह छोड़े जाने के बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की. अन्य अधिवक्ताओं को जैसे ही इस मामले की जानकारी हुई तो हंगामा मच गया.

अधिवक्ताओं ने हड़ताल पर जाने का फैसला किया

मामले को गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच के बाद बिसरख कोतवाली में तैनात दो उपनिरीक्षक श्रीपाल गिरी कृष्ण कुमार और दो अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया और उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई. उधर अधिवक्ताओं ने फरीद अहमद के साथ पुलिस द्वारा मारपीट और अभद्र व्यवहार की घटना की कड़ी निंदा की. साथ ही सभी अधिवक्ताओं ने हड़ताल पर जाने का फैसला किया है.

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी ने बताया कि इस मामले में दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज की जानी चाहिए. भविष्य में अधिवक्ताओं के साथ इस प्रकार की घटनाएं न हो इसके लिए पुलिस प्रशासन कोई ठोस कदम उठाए. उन्होंने यह भी कहा कि जब तक दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफत कार्रवाई नहीं होती तब तक अधिवक्ता हड़ताल पर रहेंगे.

पुलिस को खदेड़ने का वीडियो वायरल

आज जैसे ही न्यायालय परिसर खुला वहां पर मौजूद पुलिस कर्मियों को अधिवक्ताओं ने खदेड़ दिया. अधिवक्ताओं के भारी आक्रोश को देखते हुए पुलिसकर्मी वहां से दौड़ते हुए नजर आए. इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में दिख रहा है कि अधिवक्ता पुलिस को खदेड़ रहे हैं और पुलिस दौड़ती हुई नजर आ रही है. वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में दो दरोगा और दो कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है. मामले की जांच जारी है.

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