रेप, अर्बाशन और धर्मांतरण… KGMU वाले डॉ. रमीज के खिलाफ दाखिल हुई 800 पन्नों की चार्जशीट

लखनऊ के प्रतिष्ठित केजीएमयू वाले डॉ. रमीज के खिलाफ 800 पन्नों की चार्जशीट दाखिल हो गई है. इसमें उन पर रेप, जबरन गर्भपात और धर्मांतरण जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. पुलिस ने दो पीड़िताओं के बयानों के आधार पर डॉ. रमीज के पूरे कच्चा चिट्ठा का खुलासा किया है, जिसमें यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेल के बाद धर्मांतरण का दबाव शामिल है. ओएसडी और धर्मांतरण गैंग से संबंधों की भी जांच चल रही है.

केजीएमयू, लखनऊ Image Credit:

राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित केजीएमयू के डॉक्टर रमीज के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी है. 800 पन्नों की इस चार्जशीट में पुलिस ने डॉ. रमीज का पूरा कच्चा चिट्ठा खोल कर रख दिया है. इसमें इस वहसी डॉक्टर के खिलाफ रेप का आरोप तो है ही, जबरन अर्बाशन और धर्मांतरण के भी आरोपों को सिलसिलेवार बयां किया गया है. इस संस्थान की एक महिला डॉक्टर के यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण की कोशिश का मामला सामने आने के बाद लखनऊ की चौक थाना पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया था.

पुलिस ने चार्जशीट में इस हैवान डॉक्टर द्वारा प्रताड़ित दो महिलाओं के बयान भी दर्ज किए हैं. इस बयान के समर्थन में जरूरी सबूत भी संलग्न किया है. इस चार्जशीट में इन्हीं दोनों पीड़िताओं के बयानों के आधार पर डॉक्टर के खिलाफ आरोपों का ताना बाना बुना गया है. बता दें कि आरोपी ने इस अस्पताल में तैनात एक महिला डॉक्टर का यौन शोषण किया था. वहीं शादी के लिए लगातार उसके ऊपर धर्मांतरण का दबाव बना रहा था. इससे परेशान होकर पीड़ित डॉक्टर ने 17 दिसंबर को ढेर सारी नींद की गोलियां खाकर जान देने की कोशिश की थी.

डॉ. रमीज पर हैं गंभीर आरोप

KGMU में रेजिडेंट डॉक्टर रहे रमीज के खिलाफ आरोपों की लंबी फेहरिस्त है. आरोप है कि उसने पहले एक महिला डॉक्टर को अपने प्रेम जाल में फंसाया और यौन शोषण करते हुए वीडियो बना लिया. फिर इसी वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर इस महिला डॉक्टर का धर्मांतरण कराकर उससे निकाह किया था. फिर उसने पहली शादी की बात छिपाकर दूसरी महिला डॉक्टर को प्रेम जाल में फंसाया और यौन उत्पीड़न का वीडियो वायरल करने की धमकी देकर धर्मांतरण का दबाव बना रहा था. इसी पीड़ यह महिला डॉक्टर प्रेग्नेंट हो गई तो आरोपी ने जबरन उसका अर्बाशन करा दिया था.

ओएसडी भी जांच के दायरे में

इस मामले में केजीएमयू के कुलपति के ओएसडी सैयद अब्बास भी अब जांच के दायरे में आ गए हैं. आरोप है कि उन्होंने डॉ. रमीज को बचाने की हर संभव कोशिश की. यही नहीं, उन्होंने यूनिवर्सिटी कैंपस में कई बार धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन कराया. यही नहीं, ओएसडी की नियुक्ति पर भी सवाल उठे हैं. हालांकि पूरा मामला सामने आने के बाद ओएसडी को कुलपति ऑफिस से हटा दिया गया. वहीं अब उत्तर प्रदेश सरकार ने ओएसडी के खिलाफ जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है. कमेटी ने अपने स्तर पर मामले की जांच शुरू कर दी है.

धर्मांतरण गैंग से संबंध

आरोप है कि डॉ. रमीज एक बड़े धर्मांतरण गैंग से भी जुड़ा था. इस गैंग के लोग अक्सर उसके पास केजीएमयू में आते जाते रहते थे. यहां तक कि कुलपति के ओएसडी के साथ मिलकर इसने कैंपस में कई बार धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन कराया. डॉ. रमीज का नाम आगरा धर्मांतरण गैंग के साथ भी जुड़ा पाया गया था. पुलिस अब इस गैंग के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है.